Samachar Nama
×

‘सामना’ में एनडीए सरकार पर टिप्पणी, शिवसेना (यूबीटी) ने 12 साल के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की मांग की

मुंबई, 11 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का 12 साल का कार्यकाल भारत की शासन परंपरा से मेल नहीं खाता और इसमें बड़ा अंतर दिखाई देता है।
‘सामना’ में एनडीए सरकार पर टिप्पणी, शिवसेना (यूबीटी) ने 12 साल के कार्यकाल की निष्पक्ष जांच की मांग की

मुंबई, 11 जून (आईएएनएस)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का 12 साल का कार्यकाल भारत की शासन परंपरा से मेल नहीं खाता और इसमें बड़ा अंतर दिखाई देता है।

पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि पंडित नेहरू के नेतृत्व में एम्स, आईआईटी और आईआईएम जैसी संस्थाएं स्थापित हुईं। उनका कार्यकाल राष्ट्र निर्माण, अंतरराष्ट्रीय सम्मान और समाज में सांप्रदायिक व धार्मिक घृणा से मुक्त वातावरण बनाने पर केंद्रित था।

संपादकीय में आरोप लगाया गया कि पिछले 12 वर्षों में प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई, आयकर विभाग और पुलिस जैसी केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक उपयोग किया गया है। इसमें यह भी कहा गया कि इससे संवैधानिक ढांचे को कमजोर किया गया है और चुनाव आयोग तथा शीर्ष न्यायिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है।

संपादकीय में कहा गया कि इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है, रुपये का मूल्य गिरा है और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि राष्ट्रीय हित कुछ बड़े उद्योगपतियों के पक्ष में किए गए हैं। साथ ही बेरोजगारी बढ़ने, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वृद्धि और किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों पर चिंता जताई गई है। इसमें यह भी कहा गया कि करीब 80 करोड़ लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं।

शिवसेना ने वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर आरोप लगाया कि ऐतिहासिक बलिदानों और सैन्य घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें ऑपरेशन ब्लू स्टार, पुलवामा हमला, पहलगाम घटना और कारगिल युद्ध का उल्लेख किया गया।

पार्टी ने कहा कि पहले अंग्रेजों ने देश को लूटा था, लेकिन वर्तमान 12 वर्षों की व्यवस्था में शोषण और भी अधिक गंभीर है।

शिवसेना ने इस पूरे कार्यकाल की निष्पक्ष जांच या 'ऑडिट' की मांग की है, ताकि भारत की वैश्विक और घरेलू स्थिति का सही मूल्यांकन किया जा सके।

--आईएएनएस

एएमटी/एएस

Share this story

Tags