अब नगर निगम संभालेगा कोयंबटूर की पिल्लूर-III पेयजल योजना का प्रबंधन
कोयंबटूर, 7 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड ने मंगलवार को पिल्लूर-III पेयजल आपूर्ति योजना के संचालन और रखरखाव (ओएंडएम) को कोयंबटूर सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी। यह कोयंबटूर की सबसे बड़ी पेयजल परियोजनाओं में से एक के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
779 करोड़ रुपए की लागत वाली पिल्लूर-III योजना वर्ष 2024 में शुरू की गई थी। यह योजना कोयंबटूर के कई हिस्सों में प्रतिदिन लगभग 178 मिलियन लीटर (एमएलडी) पेयजल की आपूर्ति करती है।
हालांकि इस परियोजना का निर्माण तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड ने पूरा किया था, लेकिन इसके संचालन और रखरखाव की निर्धारित अवधि लगभग छह महीने पहले समाप्त हो चुकी थी।
इसके बावजूद औपचारिक रूप से योजना हस्तांतरित होने तक तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड अंतरिम व्यवस्था के तहत इसका संचालन करता रहा। अधिकारियों के अनुसार, कोयंबटूर नगर निगम ने पहले विधानसभा चुनाव संबंधी जिम्मेदारियों और अन्य प्रशासनिक कार्यों का हवाला देते हुए परियोजना का प्रभार संभालने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था।
अब जब वे जिम्मेदारियां पूरी हो चुकी हैं, तो तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड ने निगम को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
इस प्रक्रिया के तहत कोयंबटूर नगर निगम के आयुक्त कट्टा रवि तेजा ने हाल ही में पिल्लूर बांध स्थित सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना का औपचारिक हस्तांतरण होने से पहले इसके व्यापक मूल्यांकन के लिए एक तकनीकी समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया है।
यह समिति परियोजना के बुनियादी ढांचे का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट तमिलनाडु के नगर प्रशासन निदेशक एस. शिवरासु को सौंपेगी। समीक्षा पूरी होने के बाद नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति विभाग से मंजूरी ली जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि हस्तांतरण की प्रक्रिया अगस्त तक पूरी हो जाएगी।
हस्तांतरण पूरा होने के बाद कोयंबटूर नगर निगम योजना के प्रमुख ढांचे के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। इसमें कच्चे और शुद्ध पानी की पाइपलाइनें, फीडर मेन लाइनें, वितरण नेटवर्क, बड़े जल भंडारण टैंक (एमएसटी), चार उच्च क्षमता वाले मोटर पंपों से लैस पंपिंग स्टेशन और अन्य संबंधित सुविधाएं शामिल हैं।
हालांकि 178 एमएलडी क्षमता वाला जल शोधन संयंत्र (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड के ही नियंत्रण में रहेगा। परियोजना समझौते के अनुसार, तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड को इस संयंत्र का संचालन और रखरखाव 10 वर्षों तक करना है, जिसके बाद इसे नगर निगम को सौंपा जाएगा।
करीब तीन वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए यह संयंत्र अगले सात वर्षों तक तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड के अधीन ही रहेगा। कोयंबटूर को सिरुवानी और पिल्लूर जलाशयों के अलावा अलीयार बांध से भी पेयजल मिलता है।
पिल्लूर जलाशय का पानी पिल्लूर-I, पिल्लूर-II, पिल्लूर-III और कावुंडमपालयम-वडावल्ली-वीरकेरलम (केवीवी) संयुक्त जल आपूर्ति योजना के माध्यम से वितरित किया जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि यह हस्तांतरण इसलिए आवश्यक हो गया है, क्योंकि तमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड तय अवधि से काफी अधिक समय तक संचालन और रखरखाव का खर्च वहन कर रहा है। ऐसे में अब इस पेयजल योजना का दैनिक प्रबंधन नगर निगम को सौंपना उचित माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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