आंध्र प्रदेश की गठबंधन सरकार ने राज्यपाल से विधानसभा में झूठ बुलवाया: वाईएसआरसीपी
अमरावती, 11 फरवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आरोप लगाया है कि टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से विधानसभा में “झूठ” बुलवाया।
राज्य विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए वाईएसआरसीपी विधायकों ने कहा कि भाषण झूठ, बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए आंकड़ों, निराधार आरोपों और जानबूझकर की गई तथ्यों की तोड़-मरोड़ से भरा हुआ था।
वाईएसआरसीपी विधायक तातिपार्थी चंद्रशेखर ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण “पीली मीडिया” की खबरों का संकलन जैसा था। उनका इशारा टीडीपी समर्थक मीडिया संस्थानों की ओर था।
मीडिया से बातचीत में वाईएसआरसीपी के कुछ विधायकों और विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) ने गठबंधन सरकार पर पार्टी को मुख्य विपक्ष का दर्जा न देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार अपनी विफलताओं को उजागर होने से डर रही है।
पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में वाईएसआरसीपी के विधायक और एमएलसी उस समय सदन में मौजूद थे जब राज्यपाल ने अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर राज्यपाल के अभिभाषण में व्यवधान डालने की कोशिश की। कुछ मिनटों तक विरोध जताने के बाद वे सदन से बाहर चले गए।
विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि खुद को दूरदर्शी बताने वाली चंद्रबाबू नायडू सरकार की प्राथमिकताएं अजीब हैं और उसके पास ठोस उपलब्धियां नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बात से डरी हुई है कि वाईएसआरसीपी उसे जन मुद्दों पर घेर लेगी।
उन्होंने कहा कि 164 सदस्यों वाली गठबंधन सरकार 11 वाईएसआरसीपी विधायकों का सामना करने में असमर्थ है और इसी कारण पार्टी को विपक्ष का दर्जा नहीं दे रही है।
चंद्रशेखर ने कहा कि यदि वाईएसआरसीपी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिया जाता है तो पार्टी विधानसभा में भाग लेने के लिए तैयार है। उन्होंने इस मामले में राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि 20 महीनों में सरकार ने राज्य को लगभग 3.27 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डुबो दिया है, जबकि वह संपत्ति सृजन का दावा कर रही है और एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक तथा क्वांटम सिटी जैसी घोषणाओं के जरिए जनता को गुमराह कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार पुनर्निर्माण और विकास की बात करते हुए वाईएसआरसीपी पर विनाश का आरोप लगा रही है, जबकि पिछली टीडीपी सरकार खजाने में केवल लगभग 100 करोड़ रुपये छोड़कर गई थी। इसके विपरीत, वाईएसआरसीपी सरकार ने पांच वर्षों तक कल्याण और विकास कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलाए और बिना भ्रष्टाचार के अपने वादे पूरे किए।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान गठबंधन सरकार संपत्ति सृजन का वादा करने के बावजूद राज्य की वित्तीय स्थिति कमजोर कर रही है, तेजी से कर्ज बढ़ा रही है और वास्तविक विकास के बजाय अमरावती में रियल एस्टेट तथा विशाखापट्टनम में भूमि आवंटन पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
--आईएएनएस
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