Samachar Nama
×

केरल में वैज्ञानिक जानकारी से लैस होंगे टूरिस्ट गाइड, पर्यटकों को बताएंगे समुद्री जैव विविधता

केरल में वैज्ञानिक जानकारी से लैस होंगे टूरिस्ट गाइड, पर्यटकों को बताएंगे समुद्री जैव विविधता
केरल में वैज्ञानिक जानकारी से लैस होंगे टूरिस्ट गाइड, पर्यटकों को बताएंगे समुद्री जैव विविधता

कोच्चि, 17 जुलाई (आईएएनएस)। केरल के प्रसिद्ध समुद्र तट और बैकवॉटर अब पर्यटकों को सिर्फ मनमोहक प्राकृतिक दृश्य ही नहीं, बल्कि एक नया और समृद्ध अनुभव भी प्रदान करेंगे। जल्द ही पर्यटक राज्य की समृद्ध समुद्री जैव विविधता, नाजुक तटीय पारिस्थितिकी तंत्र और पारंपरिक मत्स्य पालन विरासत को करीब से जान सकेंगे।

इसके लिए आईसीएआर–केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीएमएफआरआई) पर्यटन गाइडों को प्रशिक्षण दे रहा है, ताकि वे समुद्री संरक्षण के दूत के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।

केरल में अपनी तरह की यह पहली पहल टूरिज्‍म को पर्यावरण जागरूकता और सस्टेनेबल ट्रैवल के लिए एक मजबूत जरिया बनाने की कोशिश है।

सीएमएफआरआई के डायरेक्टर डॉ. ग्रिन्सन जॉर्ज ने कहा कि यह पहल एक नया कम्युनिटी एंगेजमेंट मॉडल है जो विज्ञान और टूरिज्‍म को एक मकसद के लिए साथ लाता है। टूरिस्ट गाइड हर साल हजारों पर्यटकों से मिलते हैं और वे हमारे समुद्री इकोसिस्टम को बचाने और सस्टेनेबल फिशरीज को बढ़ावा देने की अहमियत बताने के लिए सबसे सही लोग हैं।

उन्हें वैज्ञानिक जानकारी देकर हम समुद्री संरक्षण के संदेशों को आम जागरूकता कार्यक्रमों से कहीं आगे तक पहुंचा रहे हैं।

सरकार से सर्टिफाइड चौबीस टूरिस्ट गाइडों ने एक गहन ट्रेनिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिसे उन्हें केरल के तटीय इकोसिस्टम और समुद्री संपदा के बारे में वैज्ञानिक जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया था।

यह पहल सीएमएफआरआई के पिछले साल शुरू किए गए लोकप्रिय 'फिश वॉक' आउटरीच प्रोग्राम का ही एक विस्तार है। इसका मकसद टूरिस्ट गाइडों को संरक्षण के बारे में प्रभावी ढंग से जानकारी देने वाला बनाना है, ताकि वे हर साल मिलने वाले हजारों घरेलू और विदेशी पर्यटकों के साथ वैज्ञानिक जानकारी साझा कर सकें।

यह प्रोग्राम इस बढ़ती समझ को दिखाता है कि जब पर्यटकों को उन जगहों के पर्यावरण को समझने और उनकी सराहना करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है तो टूरिज्‍म प्राकृतिक इकोसिस्टम की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है।

इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आईसीएआर) के 98वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कोच्चि की मेयर वीके मिनिमोले ने प्रतिभागियों को कोर्स पूरा करने का सर्टिफिकेट दिया।

ट्रेनिंग में केरल के अलग-अलग तटीय और समुद्री इकोसिस्टम जैसे बीच, मुहाने, मैंग्रोव, बैकवाटर्स, चट्टानी रीफ, खुला समुद्र और गहरे समुद्र के आवास शामिल थे।

प्रतिभागियों को राज्य की समृद्ध समुद्री जैव-विविधता, पारंपरिक और आधुनिक फिशरीज, मैरीकल्चर के तरीकों और केरल की अर्थव्यवस्था में समुद्री सेक्टर के योगदान के बारे में भी बताया गया, ताकि वे वैज्ञानिक सटीकता के साथ पर्यटकों के सवालों का जवाब दे सकें। क्लास में होने वाली पढ़ाई के साथ-साथ, गाइड ने चेलानम फिशिंग हार्बर, पुथेथोडु बीच, कोट्टापुरम फिश केज फार्म और पनम्बुकड मैंग्रोव का दौरा किया। इससे उन्हें तटीय इकोसिस्टम, टिकाऊ मछली पकड़ने के तरीकों और एक्वाकल्चर के बारे में सीधे अनुभव मिला।

जो लोग केरल को दुनिया से परिचित कराते हैं, उन्हें वैज्ञानिक जानकारी देकर सीएमएफआरआई को उम्मीद है कि राज्य के तट पर होने वाला हर गाइडेड टूर न सिर्फ इसकी प्राकृतिक सुंदरता दिखाने का मौका बनेगा, बल्कि इसके संरक्षण के लिए प्रेरित भी करेगा।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

Share this story

Tags