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सिद्धारमैया ने कर्नाटक योजनाओं को लेकर चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया

बेंगलुरु, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को दावनगेरे और बागलकोट जिलों में चल रहे उपचुनावों में गारंटी योजनाओं के तहत धनराशि जारी करने के संबंध में राज्य सरकार से पूछे गए प्रश्न को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की आलोचना की।
सिद्धारमैया ने कर्नाटक योजनाओं को लेकर चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया

बेंगलुरु, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को दावनगेरे और बागलकोट जिलों में चल रहे उपचुनावों में गारंटी योजनाओं के तहत धनराशि जारी करने के संबंध में राज्य सरकार से पूछे गए प्रश्न को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की आलोचना की।

ईसीआई के इस प्रश्न का उत्तर देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य की गारंटी योजनाएं चल रहे कल्याणकारी कार्यक्रम हैं, न कि चुनाव के समय की घोषणाएं।

उन्होंने कहा कि ये पहलें 2023 के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए वादों का हिस्सा हैं और इन्हें सुव्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार लाभार्थियों को नियमित रूप से धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। उन्होंने इन कार्यक्रमों को प्रलोभन देने के बजाय मानवीय गरिमा, पारिवारिक स्थिरता और आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाई गई शासन व्यवस्था बताया।

भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि पार्टी कल्याणकारी योजनाओं में दोहरा मापदंड अपना रही है।

उन्होंने कहा कि जहां भाजपा नेता कर्नाटक के गारंटी कार्यक्रमों को 'फ्रीबीज' कहकर आलोचना करते हैं, वहीं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए इसी तरह के उपाय अपनाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक मॉडल ने देश में कल्याणकारी शासन के लिए एक मिसाल कायम की है।

सिद्धारमैया ने चुनाव आयोग के 'सेलेक्टिव अप्रोच' पर भी चिंता जताई। उन्होंने महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां नकद हस्तांतरण योजनाओं की घोषणा या तो चुनाव से पहले की गई थी या उन्हें तेजी से लागू किया गया था, जिससे मतदाताओं को सीधे वित्तीय लाभ मिले।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इन मामलों की समान रूप से जांच नहीं की।

चुनाव आयोग की कार्रवाई को निष्पक्षता नहीं बल्कि मिलीभगत बताते हुए मुख्यमंत्री ने आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि वह कर्नाटक में की गई पहलों की बारीकी से जांच करते हुए भाजपा या एनडीए शासित राज्यों की कार्रवाइयों को नजरअंदाज कर रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य की गारंटी योजनाओं को निशाना बनाना गरीब-विरोधी, महिला-विरोधी और कर्नाटक के हितों के खिलाफ है।

अपनी सरकार के रुख को दोहराते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि प्रशासन अपने वादों के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा और राज्य की जनता के लिए कल्याणकारी उपाय जारी रखेगा।

उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दावनगेरे और बागलकोट जिलों में गारंटी योजना की धनराशि जारी करने के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी थी, जहां वर्तमान में उपचुनाव चल रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

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