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कर्नाटक में एसआईआर की शुरुआत, सीएम डीके शिवकुमार ने खुद भरा एन्यूमरेशन फॉर्म

कर्नाटक में एसआईआर की शुरुआत, सीएम डीके शिवकुमार ने खुद भरा एन्यूमरेशन फॉर्म
कर्नाटक में एसआईआर की शुरुआत, सीएम डीके शिवकुमार ने खुद भरा एन्यूमरेशन फॉर्म

बेंगलुरु, 30 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत अपने सदाशिवनगर स्थित आवास से की। उन्होंने स्वयं एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा किया और सभी पात्र मतदाताओं से समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार सुरक्षित रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी यह महत्वपूर्ण हो सकता है।

मुख्यमंत्री ने चुनाव अधिकारियों से एन्यूमरेशन फॉर्म प्राप्त कर उसे भरकर जमा किया। इसी के साथ राज्यभर में एक महीने तक चलने वाला घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन अभियान शुरू हो गया। इस दौरान बेंगलुरु दक्षिण के उपायुक्त यशवंत गुरूकर भी मौजूद रहे, जिनके अधिकार क्षेत्र में मुख्यमंत्री का पैतृक गांव डोड्डालहल्ली (कनकपुरा) आता है।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत उनके आवास से हुई है और वह इस प्रक्रिया को पूरा करने वाले पहले जनप्रतिनिधि बने हैं। उन्होंने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की कि वे भी निर्धारित समय के भीतर एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा करें।

उन्होंने स्वीकार किया कि फॉर्म भरना थोड़ा जटिल लगा क्योंकि इसमें कई विस्तृत जानकारियां देनी होती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया बेहद जरूरी है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। उन्होंने बताया कि जहां आवश्यक हो, वहां निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज भी दिए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आज लोग अपनी मतदाता पहचान सुरक्षित नहीं रखेंगे तो भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल कर्नाटक के वास्तविक निवासियों तक ही पहुंचे।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता अपना मोबाइल नंबर भी अपडेट कर सकते हैं। इससे भविष्य में मतदाता सेवाओं से जुड़े ओटीपी और अन्य डिजिटल सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। साथ ही नाम, फोटो और अन्य विवरणों में भी आवश्यक संशोधन कराया जा सकेगा।

शिवकुमार ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) मतदाताओं की सहायता के लिए व्हाट्सएप समूह भी बना रहे हैं। यदि परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर है तो परिवार का कोई जिम्मेदार सदस्य उसकी ओर से भी एन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर सकता है। सभी भरे हुए फॉर्म 29 जुलाई तक संबंधित बीएलओ या बीएलए को जमा करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने लोगों को सलाह दी कि यदि मोबाइल ऐप के जरिए फॉर्म भरने में दिक्कत हो तो वे ऑफलाइन फॉर्म लेकर उसे भरें और जमा करें। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाई हुई, इसलिए ऑफलाइन तरीका ज्यादा आसान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधार की जानकारी स्वैच्छिक रूप से अतिरिक्त सूचना के रूप में दी जा सकती है।

सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राज्यों ने दूसरे राज्यों में पंजीकृत लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देना बंद कर दिया है। कर्नाटक भी भविष्य में इसी तरह के मानदंड अपना सकता है, क्योंकि सरकार चाहती है कि एक व्यक्ति एक से अधिक राज्यों में सरकारी योजनाओं का लाभ न ले।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि एसआईआर प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करेगी। यह प्रमाण पत्र सेवा सिंधु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध कराया जाएगा।

गौरतलब है कि कर्नाटक में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म एकत्र करेंगे। इसके बाद 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा, जबकि दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

--आईएएनएस

डीएससी

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