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पद्मश्री से सम्मानित आदिवासी किसान चेरुवयल रमन का निधन, केरल के सीएम सतीशन ने जताया शोक

पद्मश्री से सम्मानित आदिवासी किसान चेरुवयल रमन का निधन, केरल के सीएम सतीशन ने जताया शोक
पद्मश्री से सम्मानित आदिवासी किसान चेरुवयल रमन का निधन, केरल के सीएम सतीशन ने जताया शोक

वायनाड, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को पद्मश्री से सम्मानित आदिवासी किसान चेरुवयल रमन के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने रमन को केरल की कृषि विरासत का संरक्षक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन पारंपरिक धान की किस्मों को संरक्षित करने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए समर्पित कर दिया।

74 वर्षीय चेरुवयल रमन का कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह पारंपरिक धान की 50 से अधिक किस्मों के संरक्षण के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे। इनमें कई ऐसी किस्में शामिल थीं, जिनके विलुप्त होने का खतरा था। उनके प्रयासों ने केरल के किसानों को प्रेरित किया और राज्य की समृद्ध कृषि परंपराओं को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री सतीशन ने अपने शोक संदेश में कहा कि चेरुवयल रमन ने उन पारंपरिक धान की किस्मों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया, जो अन्यथा लुप्त हो सकती थीं। उन्होंने इन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा और इस तरह केरल की कृषि विरासत के सच्चे संरक्षक बन गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रमन ने अपने जीवन से यह साबित किया कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि मिट्टी और प्रकृति के प्रति एक जिम्मेदारी भी है। पारंपरिक बीजों, खेती के तरीकों और जमीन के महत्व से जुड़ा ज्ञान नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उनके प्रयासों को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

चेरुवयल रमन को स्वदेशी धान की किस्मों और पारंपरिक कृषि पद्धतियों के संरक्षण में उनके योगदान के लिए वर्ष 2023 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। प्राथमिक स्तर तक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने दशकों के व्यावहारिक अनुभव के आधार पर पारंपरिक धान की खेती के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई।

वह अपनी जमीन पर धान की दुर्लभ किस्मों की खेती करते थे और उनके बीजों को सावधानीपूर्वक संरक्षित रखते थे, ताकि ये किस्में भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपलब्ध रहें। उनके काम ने देश-विदेश के शोधकर्ताओं, कृषि विशेषज्ञों और आगंतुकों का ध्यान भी आकर्षित किया था।

मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि यह खुशी और गर्व की बात है कि यूडीएफ सरकार को रमन को पहला ओमन चांडी स्मृति कृषि पुरस्कार प्रदान करने का अवसर मिला। इस पुरस्कार की घोषणा सरकार के सत्ता संभालने के बाद चिंगम महीने में की गई थी। उन्होंने रमन के निधन को केरल के कृषि क्षेत्र और विरासत संरक्षण के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ''उनके द्वारा संरक्षित किया गया हर बीज आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद लेकर चलता है। मिट्टी में उस उम्मीद को जीवित रखना ही उन्हें दी जाने वाली सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है।''

--आईएएनएस

डीएससी

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