केरल सरकार ने दिया 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर जोर, सुधार के लिया उठाया कदम
तिरुवनंतपुरम, 29 जुलाई (आईएएनएस)। सरकारी खजाने पर बोझ डालने वाली प्रशासनिक देरी को कम करने और त्योहारों के दौरान कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से ग्राहकों को बचाने के मकसद से केरल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केरल कैबिनेट ने बुधवार को ओणम से पहले पांच-सूत्रीय प्रशासनिक सुधार पैकेज और बाजार में दखल देने वाले कई उपायों की घोषणा की।
कैबिनेट की बैठक के बाद फैसलों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि प्रोजेक्ट लागू करने में देरी से सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा था। इन सुधारों का मकसद कामकाज को बेहतर बनाना, फैसले लेने की प्रक्रिया में तेजी लाना और केरल को कारोबार के लिए ज्यादा अनुकूल बनाना है।
इन सुधारों के केंद्र में एक 'स्पेशल एसेट मैनेजमेंट पोर्टल' बनाना है, ताकि सरकार की सभी संपत्तियों को डिजिटल रूप से मैप किया जा सके और सभी सरकारी संस्थानों को शामिल करते हुए एक व्यापक एसेट रजिस्टर तैयार किया जा सके।
सरकार 'प्लान स्पेस 2.0' भी शुरू करेगी, जो जीआईएस-इनेबल्ड प्रोजेक्ट रजिस्ट्री होगी। इसके तहत विभागों द्वारा मंजूर किए गए हर बड़े प्रोजेक्ट को जियो-टैग किया जाएगा और रियल-टाइम में ट्रैक किया जाएगा।
शुरुआत में लगभग 2,000 प्रोजेक्ट्स को इस मॉनिटरिंग सिस्टम के दायरे में लाया जाएगा।
कैबिनेट ने पुराने, गैर-जरूरी और विरोधाभासी कानूनों की समीक्षा और उनमें बदलाव करने का भी फैसला किया है, जिनकी वजह से अक्सर प्रोजेक्ट्स में देरी होती है। साथ ही, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बेहतर बनाने के लिए नियमों को आधुनिक बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
सचिवों की एक अधिकार-प्राप्त समिति अलग-अलग विभागों में इनके लागू होने की प्रक्रिया में तालमेल बिठाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अभी 591 सरकारी संस्थान हैं, जिन पर सालाना लगभग 19,000 करोड़ रुपए वेतन के तौर पर खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों के काम एक जैसे हैं, उन्हें तर्कसंगत बनाया जाएगा।
ओणम में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, ऐसे में कैबिनेट ने महंगाई पर काबू पाने और जरूरी चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बाजार में बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप करने वाले एक कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है।
10 से 20 अगस्त के बीच पीले राशन कार्ड धारकों और कल्याणकारी संस्थानों में रहने वाले लोगों को एक लाख से ज्यादा मुफ्त ओणम किट बांटी जाएंगी। हर किट में 854 रुपये मूल्य की 16 जरूरी चीजें होंगी।
इस कार्यक्रम के लिए फंड पहले ही मंजूर किया जा चुका है।
चावल की कीमतों को स्थिर करने के लिए सरकार बाजार में 1,65,932 मीट्रिक टन चावल और 24,506 मीट्रिक टन गेहूं जारी करेगी।
त्योहार के खास फायदे के तौर पर, नॉन-प्रायोरिटी ब्लू राशन कार्ड होल्डर्स को 10.90 रुपए प्रति किलो के हिसाब से तीन किलो चावल और 8.70 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दो किलो गेहूं मिलेगा।
तिरुवनंतपुरम, एर्नाकुलम और कोझिकोड में 8 से 25 अगस्त तक मेगा ओणम ट्रेड फेयर आयोजित किए जाएंगे, जबकि बाकी 11 जिलों में जिला मेले और सभी विधानसभा क्षेत्रों में ओणम बाजार, मार्केट इंटरवेंशन में मदद करेंगे।
--आईएएनएस
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