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ओडिशा: मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए ‘श्री जगन्नाथ दर्शन’ योजना का किया शुभारंभ

भुवनेश्वर, 13 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को ‘श्री जगन्नाथ दर्शन’ योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत बुजुर्ग नागरिकों को 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर में तीर्थ यात्रा करने और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए मुफ्त यात्रा, ठहरने और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
ओडिशा: मुख्यमंत्री ने बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए ‘श्री जगन्नाथ दर्शन’ योजना का किया शुभारंभ

भुवनेश्वर, 13 फरवरी (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को ‘श्री जगन्नाथ दर्शन’ योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत बुजुर्ग नागरिकों को 12वीं सदी के जगन्नाथ मंदिर में तीर्थ यात्रा करने और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए मुफ्त यात्रा, ठहरने और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

सीएम मोहन चरण माझी ने राज्य के नबरंगपुर जिले में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इस योजना की शुरुआत की।

यह योजना भद्रक, बारिपदा, संबलपुर और बेरहामपुर में आयोजित विशेष कार्यक्रमों के दौरान एक साथ शुरू की गई। पांच जिलों से करीब 500 श्रद्धालु एस्कॉर्ट अधिकारियों के साथ पुरी के लिए रवाना हुए।

सरकारी बयान के अनुसार, राज्य सरकार का लक्ष्य इस वर्ष 5,000 लाभार्थियों को पवित्र त्रिमूर्ति के दर्शन कराने का है। अगले चार वर्षों में एक लाख से अधिक पात्र लोगों को 12वीं सदी के मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन का अवसर दिया जाएगा।

इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 60 से 75 वर्ष आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा 75 वर्ष तक की विधवाओं को शामिल किया गया है। लाभार्थियों को एसी बसों से यात्रा, पुरी के ब्रुंदाबती निवास में ठहरने की व्यवस्था और महाप्रसाद (भगवान जगन्नाथ को अर्पित पवित्र प्रसाद) दिया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे विश्व के स्वामी भगवान जगन्नाथ के दर्शन में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “इस सोच के साथ कि हर ओडिया अपने जीवन में कम से कम एक बार सम्मान के साथ प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त कर सके, हमारी सरकार ने ‘श्री जगन्नाथ दर्शन’ योजना शुरू की है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिस दिन हर गरीब व्यक्ति बिना किसी बाधा के भगवान जगन्नाथ के दर्शन करेगा और आध्यात्मिक आनंद से उनकी आंखों में आंसू आएंगे, वही दिन उनके मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल सार्थक बना देगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नबरंगपुर जिले में लंबे समय से प्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी।

नबरंगपुर के पातलगुड़ा में 50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनने वाले इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 100 एमबीबीएस सीटें और 420 बेड होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके शुरू होने के बाद जिले के लोगों को उन्नत इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं जिले में ही उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि सत्ता में आने के सिर्फ 20 महीनों में जाजपुर, कंधमाल और तालचेर में तीन नए मेडिकल कॉलेज शुरू हो चुके हैं। इसके अलावा चार और मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया गया है।

नबरंगपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द ही ढेंकानाल, जगतसिंहपुर और भद्रक जिलों में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नबरंगपुर जिले के लिए 446 करोड़ रुपए से अधिक की 177 विकास परियोजनाओं की भी शुरुआत की। इनमें 68 करोड़ रुपए की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और 378 करोड़ रुपए की 65 परियोजनाओं की आधारशिला शामिल है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल, छात्रावास, वन सुरक्षा समितियां और आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़ी परियोजनाएं जिले के विकास को और गति देंगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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