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ओडिशा पहुंचे जापान के राजदूत ने 'दलमा' की प्रशंसा की, सीएम ने जताया आभार

भुवनेश्वर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को खुशी जताई और भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची को धन्यवाद दिया, जिन्होंने ओडिशा की समृद्ध खान-पान परंपरा, खासकर पौष्टिक और पारंपरिक ओडिया व्यंजन ‘दलमा’ की तारीफ की।
ओडिशा पहुंचे जापान के राजदूत ने 'दलमा' की प्रशंसा की, सीएम ने जताया आभार

भुवनेश्वर, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को खुशी जताई और भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची को धन्यवाद दिया, जिन्होंने ओडिशा की समृद्ध खान-पान परंपरा, खासकर पौष्टिक और पारंपरिक ओडिया व्यंजन ‘दलमा’ की तारीफ की।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, ''ओनो-सान, आपको ओडिशा के स्वाद का आनंद लेते देखकर खुशी हुई। दलमा हमारे रसोईघर का दिल है और आपकी सराहना हमारे लिए सम्मान की बात है। उम्मीद है कि ऐसे कई भोजन के जरिए हमारी दोस्ती और मजबूत होगी।''

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दलमा सिर्फ ओडिशा के खाने का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह वहां की संस्कृति और मेहमाननवाजी का प्रतीक भी है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की सराहना ओडिशा और जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को दिखाती है और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह दोस्ती और मजबूत होगी।

ओडिशा के संबलपुर जिले के रेंगाली में 24 अप्रैल को जेएसडब्ल्यू स्टील और जापान की जेएफई स्टील के बीच एक संयुक्त परियोजना की घोषणा की गई थी।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री माझी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे, जिनमें भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची भी शामिल थे।

कार्यक्रम के दौरान जापानी राजदूत को पारंपरिक ओडिया भोजन परोसा गया, जिसमें दलमा भी शामिल था। कार्यक्रम के बाद एक्स पर अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ''ओडिशा में दलमा का आनंद लिया, यह बेहद स्वादिष्ट है और ओडिशा की समृद्ध खान-पान संस्कृति को दर्शाता है।''

बता दें कि दलमा ओडिशा का एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक व्यंजन है, जो वहां की धार्मिक परंपराओं और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।

यह खास व्यंजन दाल और कई तरह की सब्जियों जैसे कद्दू, कच्चा पपीता, आलू और सहजन के साथ बनाया जाता है और इसमें खुशबूदार मसालों का इस्तेमाल होता है।

दलमा मंदिरों में भगवान को चढ़ाए जाने वाले भोग का भी अहम हिस्सा है और राज्य के लगभग हर हिस्से में खास अवसरों पर बनाया जाता है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

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