ध्वजारोहण के बाद कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार बोले, समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी सरकार
बेंगलुरु, 15 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को राज्य की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कर्नाटक भर में शांति, सद्भाव और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत बेंगलुरु स्थित अपने सदाशिवनगर आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे मुख्यमंत्री और जनसेवक के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर मिला है। मैं समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलूंगा और आने वाले दिनों में राज्य में शांति, सद्भाव और सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा।”
कर्नाटक और देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए डी.के शिवकुमार ने उन नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदानों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुरक्षित रखने में मदद की। उन्होंने समाज के सभी वर्गों के नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस में भाग लेने और इसे मनाने का आग्रह किया।
उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने तुमकुरु स्थित श्री सिद्धगंगा मठ का दौरा किया, श्री सिद्धलिंग स्वामीजी का आशीर्वाद लिया और मठ परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
मांड्या में जल संसाधन मंत्री और जिला प्रभारी एन. चेलुवरयास्वामी ने नागरिकों से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद करते हुए सद्भाव, भाईचारा, समानता और सामाजिक न्याय को बनाए रखकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद सहित अनगिनत देशभक्तों के बलिदानों के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्त की।
उन्होंने कर्नाटक के स्वतंत्रता सेनानियों किट्टूर रानी चेन्नम्मा, संगोली रायन्ना, गंगाधर राव देशपांडे, आर.आर. दिवाकर, एन.एस. हार्डीकर, आलूरु वेंकट राव और एस. निजलिंगप्पा के योगदान को भी याद किया।
चेलुवरायस्वामी ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय नायकों के बलिदान और योगदान से अवगत कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में मांड्या जिले की भूमिका का जिक्र किया और शिवपुरा ध्वज सत्याग्रह को भारत के आजादी आंदोलन का एक अविस्मरणीय अध्याय बताया।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहलों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने समावेशी विकास, आर्थिक सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय और समानता को प्राथमिकता दी है। इसके लिए सरकार ने पांच गारंटी योजनाओं सहित कई कार्यक्रम लागू किए हैं।
उन्होंने कहा कि मांड्या जिले में शक्ति, अन्न भाग्य, गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी और युवा निधि जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन इस बात का उदाहरण है कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
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