सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की हत्या की जांच के लिए बनेगी एसआईटी, सीएम का निर्देश
भोपाल, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्देश दिया है।
मामले की जांच फिलहाल भोपाल पुलिस कर रही है।
बुधवार शाम को मध्य प्रदेश आईएएस अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री यादव से उनके आवास समत्व भवन में मुलाकात की। उन्होंने 30 सितंबर को भोपाल में हुई हत्या की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
संघ ने इस घटना पर प्रशासन और समाज के बीच गहरी चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में संघ के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव और आईएएस अधिकारी वीएस चौधरी कोलसानी सहित अन्य लोग शामिल थे।
मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के अधिकारी राकेश अग्रवाल 30 सितंबर की सुबह रतिबाद पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत सूरज नगर स्थित अपने आवास 'सिद्धशिला' में गला कटा हुआ मृत पाए गए। वह जिला कलेक्टर, सचिव और आरसीवीपी नोरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक सहित वरिष्ठ पदों पर सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे।
उनकी पत्नी ने अपने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद देखकर शव को देखा।
पुलिस ने बताया कि पंजाब के पटियाला जिले के नाभा निवासी वरुण कुमार (27) नामक एक केयरटेकर-सह-पुरुष नर्स, जिसे कुछ ही दिन पहले एक होम हेल्थकेयर एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था, घटना के बाद से लापता है और मुख्य संदिग्ध बना हुआ है।
जांचकर्ताओं को घर में आग लगाने के प्रयास के संकेत भी मिले हैं, जिसमें एलपीजी सिलेंडर के पाइप कटे हुए पाए गए हैं। कई राज्यों में तलाशी अभियान और उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना के लिए इनाम की घोषणा के बावजूद संदिग्ध अभी भी फरार है।
मुख्यमंत्री का विशेष जांच दल गठित करने का निर्देश अपराध के तीन सप्ताह से अधिक समय बाद आया है और यह संगठन द्वारा गहन और स्वतंत्र जांच की मांग के बाद दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य भोपाल पुलिस द्वारा की जा रही जांच को मजबूत करना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
विशेष जांच दल की संरचना और कार्यक्षेत्र के बारे में अधिक जानकारी शीघ्र ही मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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