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कर्नाटक: डीके शिवकुमार के बचपन के दोस्त बोले- 'उनमें कोई बदलाव नहीं आया'

बेंगलुरु, 1 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बचपन के दोस्त बीएन मधुकर ने राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक शिवकुमार के पहुंचने पर खुशी जाहिर की और स्कूल के दिनों से चली आ रही अपनी लंबी दोस्ती को याद किया।
कर्नाटक: डीके शिवकुमार के बचपन के दोस्त बोले- 'उनमें कोई बदलाव नहीं आया'

बेंगलुरु, 1 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बचपन के दोस्त बीएन मधुकर ने राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक पद तक शिवकुमार के पहुंचने पर खुशी जाहिर की और स्कूल के दिनों से चली आ रही अपनी लंबी दोस्ती को याद किया।

शिवकुमार के साथ अपने जुड़ाव के बारे में बात करते हुए मधुकर ने कहा कि वो कांग्रेस नेता को 1969 से जानते हैं और उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया जो अपनी राजनीतिक ऊंचाई के बावजूद अब भी वैसे ही हैं।

मधुकर ने कहा कि यह वाकई खुशी की बात है कि वो आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। मैं बचपन से, लगभग 1969 से, उनका दोस्त रहा हूं। वो आज भी वैसे ही दोस्त हैं जैसे बचपन में थे।

शिवकुमार की शुरुआती राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को याद करते हुए उन्होंने कहा कि भावी मुख्यमंत्री ने स्कूल में रहते हुए ही राजनीति में आने का मन बना लिया था।

उन्होंने कहा कि छठी या सातवीं कक्षा के बाद ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे राजनीति में आना चाहते हैं। हमने उन्हें एनएसयूआई के एक जोशीले सदस्य के रूप में देखा, जो विभिन्न आंदोलनों और छात्र आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेते थे।

मधुकर ने बताया कि शिवकुमार एक कुशल खिलाड़ी भी थे और उनके कई दोस्तों को उम्मीद थी कि वे खेल में अपना करियर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि वे खेलों में बहुत अच्छे थे और हम चाहते थे कि वे इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाएं। हालांकि, उनकी हमेशा से राजनीति में रुचि रही और वे इसी राह पर चलते रहे।

मधुकर ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में दशकों बिताने के बावजूद, शिवकुमार ने अपने निजी संबंध बनाए रखे हैं। उन्होंने कहा कि आज वे एक वरिष्ठ राजनेता हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से समय के साथ कुछ चीजें बदल गई होंगी। लेकिन हमारे लिए वे आज भी वही डीके शिवकुमार हैं, बस एक फोन कॉल की दूरी पर। अगर वे व्यस्त होते हैं, तो हमेशा कॉल बैक करते हैं। मैं उनसे नियमित रूप से मिलता रहता हूं।

मधुकर ने आगे कहा कि उनके पास उनके बचपन की कई यादें और किस्से हैं, लेकिन शिवकुमार की वर्तमान स्थिति को देखते हुए वे उन्हें सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, "मेरे पास सुनाने के लिए कई मजेदार किस्से हैं, लेकिन आज उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, उसे देखते हुए मुझे नहीं लगता कि उन सभी घटनाओं को दोहराना उचित होगा।"

--आईएएनएस

एमएस/

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