उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने महानवमी के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया
लखनऊ, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि आगामी 'महानवमी' को पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश के रूप में मनाया जाएगा।
इस वर्ष महानवमी 19 अक्टूबर को है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के निर्देश के बाद, राज्य भर में सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में अवकाश रहेगा।
यह निर्णय जनता को राहत प्रदान करने और उत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के छठे दिन की शुभकामनाएं दीं और आदि शक्ति की छठी रूप मां जगदंबा मां कात्यायनी की पूजा की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि शारदीय नवरात्रि के छठे दिन आदि शक्ति के छठे रूप मां जगदंबा के चरणों में अनगिनत प्रणाम। हम धर्म की रक्षा का संदेशवाहक मां कात्यायनी से प्रार्थना करते हैं कि उनकी कृपा से सभी भक्तों को अपने संकल्पों को पूरा करने का साहस और शक्ति प्राप्त हो। जय मां कात्यायनी।
इस बीच, शुक्रवार से उत्तर प्रदेश के कई दुर्गा पूजा मंदिरों में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े संदेश को फैलाने के उद्देश्य से 'दुर्गा सप्तशती' के पाठ और 'शक्ति' (दिव्य नारी शक्ति) की पूजा से गूंज रहे हैं।
'मिशन शक्ति' पहल के तहत, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने शारदीय नवरात्रि के सातवें (सप्तमी) से नौवें (नवमी) दिन तक चुनिंदा मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।
दुर्गा पूजा के अंतिम तीन दिनों में इन कार्यक्रमों में देवी को समर्पित पारंपरिक भक्ति गीतों के गायन के साथ-साथ 'दुर्गा सप्तशती' का पाठ भी किया जाएगा।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से, 'शक्ति' की पूजा की परंपरा को कायम रखते हुए महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
इस पहल के बारे में बात करते हुए उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्रि आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का त्योहार है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारा प्रयास है कि ये धार्मिक आयोजन सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करें और महिलाओं एवं लड़कियों की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाएं।
--आईएएनएस
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