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पश्चिम बंगाल कैबिनेट की मंजूरी, 42 हजार से ज्यादा पैरा-टीचरों को मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता

पश्चिम बंगाल कैबिनेट की मंजूरी, 42 हजार से ज्यादा पैरा-टीचरों को मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता
पश्चिम बंगाल कैबिनेट की मंजूरी, 42 हजार से ज्यादा पैरा-टीचरों को मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता

कोलकाता, 7 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को नबन्ना में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले के बाद राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों से जुड़े कई तरह के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के मासिक भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि बढ़े हुए भत्ते का फायदा राज्य द्वारा संचालित स्कूलों के प्राइमरी और अपर-प्राइमरी सेक्शन में काम करने वाले पैरा-टीचरों को मिलेगा।

उन्होंने कहा, "भत्ते में बदलाव के बाद प्राइमरी सेक्शन के 20,343 पैरा-टीचरों और अपर-प्राइमरी सेक्शन के 21,849 पैरा-टीचरों को फायदा होगा। प्राइमरी पैरा-टीचरों का मासिक भत्ता 11,941 रुपए से बढ़ाकर 16,941 रुपए कर दिया गया है, जबकि अपर-प्राइमरी पैरा-टीचरों का भत्ता 15,523 रुपए से बढ़ाकर 20,523 रुपए कर दिया गया है। नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी।"

मुख्यमंत्री ने 1 अक्टूबर से लगभग 2,000 फॉरेस्ट असिस्टेंट के मासिक भत्ते में भी 5,000 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसके अलावा, कैबिनेट ने 1 अगस्त से पूर्व विधायकों के मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा बंधुओं (शिक्षा सहायकों) और स्पेशल एजुकेटर्स की सैलरी में भी प्रति माह 5,000 रुपए की बढ़ोतरी की जाएगी। इस कदम से 2,280 शिक्षा बंधुओं को फायदा होने की उम्मीद है, और नया वेतन ढांचा 1 नवंबर से लागू होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कैटेगरी के अलावा, मैनेजमेंट स्टाफ, एसएसके असिस्टेंट और एमएसके असिस्टेंट के तौर पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी हर महीने 5,000 रुपए की बढ़ोतरी मिलेगी।

इस मौके पर अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार इस साल पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक नया बिल पेश करेगी, ताकि यूनिवर्सिटी में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के ट्रांसफर को आसान बनाया जा सके।

उन्होंने कहा, "कैबिनेट ने सोमवार को प्रस्तावित कानून को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद यूनिवर्सिटी लेवल पर आपसी ट्रांसफर के लिए कानूनी ढांचा तैयार करना है। इस बिल को प्राथमिकता के आधार पर विधानसभा में पेश किया जाएगा।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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