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महाराष्ट्र: पुणे के कोंढवा में क्लोरीन गैस लीक से दहशत, 17 लोग अस्पताल में भर्ती

पुणे, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे के कोंढवा इलाके में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात उस समय दहशत फैल गई, जब गंगाधाम चौक के पास स्थित एक केमिकल प्लांट के स्टोरेज टैंक से खतरनाक गैस लीक होने की खबर मिली।
महाराष्ट्र: पुणे के कोंढवा में क्लोरीन गैस लीक से दहशत, 17 लोग अस्पताल में भर्ती

पुणे, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के पुणे के कोंढवा इलाके में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात उस समय दहशत फैल गई, जब गंगाधाम चौक के पास स्थित एक केमिकल प्लांट के स्टोरेज टैंक से खतरनाक गैस लीक होने की खबर मिली।

अधिकारियों के अनुसार, शुरू में कम से कम 17 लोगों ने सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन यह संख्या बढ़ सकती है।

शुरुआती जांच से पता चला है कि क्लोरीन गैस वाले एक सिलेंडर से रिसाव हुआ था, जिसे पास में ही स्थित एक बंद पड़े जल शुद्धिकरण केंद्र में छोड़ा गया था।

अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने '108' सरकारी एम्बुलेंस से 14 प्रभावित लोगों को ससून जनरल अस्पताल और अन्य नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया। प्रभावित इलाकों से निवासियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

इस रिसाव का असर बचाव कर्मियों पर भी पड़ा। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी और एक जवान की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। रिसाव को रोकने के लिए कुल चार दमकल गाड़ियां, जिनमें ब्रीदिंग एपरेटस (बीए) सेट से लैस एक विशेष वाहन भी शामिल था, तुरंत मौके पर भेजी गईं, जिससे एक बड़ी आपदा टल गई।

अधिकारियों ने निवासियों को आश्वस्त किया है कि स्थिति अब स्थिर है और प्रभावित सभी लोग खतरे से बाहर हैं।

इस बात की जांच शुरू कर दी गई है कि एक बंद पड़ी जगह पर इतना खतरनाक पदार्थ कैसे जमा हो गया, जिससे सुरक्षा नियमों के पालन और निगरानी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

इससे पहले 2 मार्च को पालघर के बोईसर एमआईडीसी इलाके में स्थित एक केमिकल यूनिट में ओलियम गैस (फ्यूमिंग सल्फ्यूरिक एसिड) का भारी रिसाव हुआ था, जिसके कारण 1,600 छात्रों सहित 2,600 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस घटना का संज्ञान लिया था, क्योंकि इसमें संभावित मानवाधिकारों के उल्लंघन की आशंका थी।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी

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