चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर का तेजी हो रहा निर्माण, 22 फीसदी काम पूरा
चेन्नई, 28 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के सबसे बड़े रोड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक, चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और लगभग 22 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। 5,600 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट से चेन्नई पोर्ट और पश्चिमी उपनगरों के बीच कार्गो की आवाजाही में काफी सुधार होने और शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होने की उम्मीद है।
15.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर कूवम नदी के ऊपर बनाया जा रहा है, जो इसे देश के सबसे मुश्किल शहरी हाईवे प्रोजेक्ट्स में से एक बनाता है।
अधिकारियों ने बताया कि सितंबर से जनवरी तक चलने वाले नॉर्थ-ईस्ट मॉनसून सीजन के दौरान नदी के किनारे काम रोक दिया जाएगा, क्योंकि भारी बारिश में कंस्ट्रक्शन का काम सुरक्षित तरीके से नहीं किया जा सकता। इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का काम मार्च 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने के बाद, यह चेन्नई पोर्ट और मदुरवोयल के बीच सीधा हाई-स्पीड लिंक देगा, जिससे कंटेनर ट्रकों का यात्रा समय कम होगा और माल ढुलाई की क्षमता बेहतर होगी।
इस प्रोजेक्ट से कई मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम होने की भी उम्मीद है, क्योंकि भारी कमर्शियल गाड़ियों को एलिवेटेड कॉरिडोर पर डायवर्ट किया जाएगा।
इस बीच, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआई) एक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही है। यह चंगलपट्टू के पास कलंबक्कम से महिंद्रा सिटी तक एक एलिवेटेड रोड होगी।
3,186 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट का मकसद चेन्नई के तेजी से विकसित हो रहे दक्षिणी कॉरिडोर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को चेन्नई मेट्रो रेल विस्तार प्रोजेक्ट के साथ जोड़ने के लिए भी स्टडीज चल रही हैं, ताकि यात्रियों के लिए बेहतर मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी बनाई जा सके।
एनएचआई चालू वित्त वर्ष के दौरान चेंगलपट्टू-तिंडीवनम नेशनल हाईवे को छह-लेन वाली सड़क में बदलने की योजना भी बना रहा है। 398 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस हाईवे अपग्रेड से ट्रैफिक की आवाजाही बेहतर होने और इस व्यस्त रास्ते पर यात्रियों और कमर्शियल गाड़ियों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक और पहल के तहत, टिंडिवनम-पुडुचेरी नेशनल हाईवे को अधिक सुरक्षित बनाने का काम जल्द ही शुरू होगा। 147 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में सात ऐसी जगहों को शामिल किया जाएगा, जहां दुर्घटना की आशंका वाले हिस्सों को इंजीनियरिंग उपायों और बेहतर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए ठीक किया जाएगा।
अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा आम तौर पर लगभग 60 किलोमीटर के अंतराल पर बनाए जाते हैं। हालांकि, कुछ हिस्सों में इस दूरी के भीतर कम टोल प्लाजा बनाए जाते हैं, ताकि गाड़ी चलाने वालों पर आर्थिक बोझ कम हो और साथ ही नेशनल हाईवे नेटवर्क का कामकाज और रखरखाव भी ठीक से चलता रहे।
--आईएएनएस
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