विधायक पल्लवी की अनदेखी के आरोपों पर चेन्नई की मेयर प्रिया राजन ने कहा- प्रोटोकॉल का हुआ पालन
चेन्नई, 4 जून (आईएएनएस)। चेन्नई की मेयर प्रिया राजन ने पुलियंथोप में एक नए स्कूल भवन के उद्घाटन समारोह के दौरान आरके नगर की विधायक पल्लवी की अनदेखी के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पूरा कार्यक्रम सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित किया गया था और किसी भी जनप्रतिनिधि को नजरअंदाज नहीं किया गया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में मेयर दीप प्रज्ज्वलन के दौरान विधायक पल्लवी की बजाय एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को मोमबत्ती देती नजर आईं।
इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक होने के बावजूद पल्लवी को उचित महत्व नहीं दिया गया।
यह घटना तमिलनाडु में गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के दिन हुई। स्कूल खुलने के मौके पर पुलियंथोप के एक उर्दू स्कूल में नए भवन के उद्घाटन के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम में मेयर प्रिया राजन, आरके नगर विधायक पल्लवी, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि मौजूद थे।
रिपोर्ट के अनुसार, समारोह की शुरुआत फीता काटकर भवन के उद्घाटन से हुई, जिसमें विधायक पल्लवी ने हिस्सा लिया लेकिन बाद में दीप प्रज्ज्वलन समारोह के दौरान ध्यान उस समय आकर्षित हुआ, जब ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की संयुक्त आयुक्त और आईएएस अधिकारी को मेयर के साथ आगे खड़ा किया गया, जबकि विधायक पल्लवी पीछे खड़ी दिखाई दीं।
दीप जलाने के दौरान पल्लवी ने मोमबत्ती लेने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन मोमबत्ती उन्हें देने के बजाय आईएएस अधिकारी को दे दी गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि विधायक का अपमान किया गया है।
कुछ ही देर बाद विधायक पल्लवी कार्यक्रम स्थल से चली गईं, जिससे विवाद और बढ़ गया।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए मेयर प्रिया राजन ने कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह तय सरकारी प्रोटोकॉल के अनुसार हुआ था और विधायक की भूमिका को कम करने का कोई इरादा नहीं था।
उन्होंने कहा, “हमने किसी की अनदेखी नहीं की। विधायक को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था और उन्होंने फीता काटने के समारोह में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। दीप प्रज्ज्वलन के दौरान प्रोटोकॉल के अनुसार पहले आईएएस अधिकारी को दीप जलाना था, उसके बाद विधायक को शामिल होना था।”
मेयर ने कहा कि यह विवाद केवल सरकारी प्रक्रिया को लेकर हुई गलतफहमी के कारण पैदा हुआ है।
उन्होंने बताया कि पूरे कार्यक्रम में सरकारी आयोजनों में तय प्राथमिकता क्रम (प्रोटोकॉल) का पालन किया गया। प्रिया राजन ने दोहराया कि सभी व्यवस्थाएं और समारोह की प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार की गईं और कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों को पूरा सम्मान दिया गया।
--आईएएनएस
एएमटी/पीएम

