Samachar Nama
×

चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री की 'विदेशी मुद्रा भंडार' बचाने की अपील का समर्थन किया

अमरावती, 11 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की अपील का जोरदार समर्थन किया और सभी से इसे एक मिशन की तरह अपनाने का आग्रह किया।
चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री की 'विदेशी मुद्रा भंडार' बचाने की अपील का समर्थन किया

अमरावती, 11 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की अपील का जोरदार समर्थन किया और सभी से इसे एक मिशन की तरह अपनाने का आग्रह किया।

दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति देश को आत्मनिर्भरता और संसाधन संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने की याद दिलाती है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को हैदराबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उल्लिखित राष्ट्रीय मिशन का जिक्र करते हुए उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सुझाए गए कई महत्वपूर्ण उपायों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री मोदी की अपील को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सोने की खरीद स्थगित करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करने, वर्क फ्रॉम होम कल्चर को अपनाने, उर्वरक की खपत कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री नायडू ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण उत्पन्न ईंधन और ऊर्जा संकट से ग्रस्त वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में ये उपाय आवश्यक हैं।

उन्होंने एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से संबंधित समस्याओं की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि जो देश सीधे तौर पर युद्धों में शामिल नहीं हैं, वे भी इसके परिणामों से जूझ रहे हैं। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि वर्क फ्रॉम होम एक व्यावहारिक समाधान बन गया है, क्योंकि अब प्रौद्योगिकी लोगों को कहीं से भी कुशलतापूर्वक काम करने की सुविधा देती है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उर्वरकों का उपयोग कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के माध्यम से कृषि में अधिक आत्मनिर्भरता की वकालत करते हुए कहा कि इससे विदेशी मुद्रा भंडार और जन स्वास्थ्य दोनों को लाभ होगा।

शिखर सम्मेलन में उपस्थित उद्योगपतियों, विशेषकर व्यापार जगत के दिग्गजों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने उनसे इन सुधारों और संरक्षण उपायों को केवल प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी मानने के बजाय एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में लेने की अपील की।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रत्येक संकट नए अवसर पैदा करता है और जोर देकर कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों पर काबू पाने के बाद भारत और भी मजबूत होकर उभरेगा और वैश्विक मंच पर 'अजेय' बन जाएगा।

मुख्यमंत्री नायडू ने 1990 के दशक के उत्तरार्ध में मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1998 और 1999 के बीच विद्युत क्षेत्र में सुधार किए थे और बिजली उत्पादन एवं आपूर्ति में महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त किए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ये सुधार राजनीतिक रूप से महंगे साबित हुए और 2004 के चुनाव में उनकी हार का कारण बने, क्योंकि उस समय लोगों ने इन बदलावों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया था।

--आईएएनएस

एमएस/

Share this story

Tags