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'चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश को जंगल राज में बदल दिया', सांसद पर हमले के बाद बोले जगन

'चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश को जंगल राज में बदल दिया', सांसद पर हमले के बाद बोले जगन
'चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश को जंगल राज में बदल दिया', सांसद पर हमले के बाद बोले जगन

ताडेपल्ली (आंध्र प्रदेश), 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश को 'जंगल राज' में बदल दिया है। जगन मोहन रेड्डी ने वाईएसआरसीपी लोकसभा नेता और सांसद पेद्दा रेड्डी मिथुन रेड्डी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और घटना और उनके हालचाल जानने के लिए उनसे फोन पर बात की।

वाईएसआरसीपी प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का इरादा स्थानीय निकाय चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने का नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के ढाई साल के शासन के बाद जनता का तीव्र विरोध है और इस बढ़ते असंतोष के कारण सरकार हिंसा, हमलों और धमकियों का सहारा ले रही है।

वाईएस जगन ने कहा कि हिंसक राजनीति चंद्रबाबू के लिए कोई नई बात नहीं है। उन्होंने आंध्र प्रदेश को जंगल राज में बदल दिया है। हम ऐसी स्थिति देख रहे हैं जहां लोकसभा में हमारे पार्टी नेता को भी सुरक्षा नहीं मिल रही है।

उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं और चुनावी अनियमितताओं के लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि हमले होने के बावजूद पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वाईएसआरसीपी इन अन्यायों का प्रभावी ढंग से सामना करेगी और उपलब्ध सभी कानूनी और संवैधानिक साधनों के माध्यम से लड़ाई लड़ेगी। पार्टी साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ चुनाव का सामना करेगी और राज्य की मौजूदा स्थिति को अदालतों के समक्ष रखेगी।

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव केवल केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती से ही सुनिश्चित किए जा सकते हैं और वाईएसआरसीपी इस मांग को न्यायपालिका के समक्ष भी रखेगी।

वाईएस जगन ने कहा कि जनता के हित में काम करने का हमारा इतिहास रहा है। चंद्रबाबू का इतिहास हिंसा के माध्यम से राज्य को नष्ट करने का रहा है।

आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले में शुक्रवार को हिंसा भड़क उठी, जब रायचोटी कस्बे में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी कार्यालय के पास कई वाहनों में आग लगा दी गई। जबकि पुंगनूर में वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिथुन रेड्डी के काफिले पर हमला किया गया।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) कार्यालय के पास खड़ी कारों में आग लगाए जाने के बाद रायचोटी में तनाव बढ़ गया। वाईएसआरसीपी ने इस हमले के लिए तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को जिम्मेदार ठहराया।

स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने के पहले दिन ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।

पुंगनूर कस्बे में हुई हिंसा के बाद वाईएसआरसीपी कार्यालय के पास आगजनी की घटना घटी। पुंगनूर में लोकसभा में वाईएसआरसीपी के फ्लोर लीडर मिथुन रेड्डी के काफिले पर टीडीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला किया था।

काफिले में शामिल वाहनों पर पत्थर, लाठी और लोहे की छड़ों से हमला किया गया। भीड़ ने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और उन्हें पलट दिया।

राजमपेट के सांसद नामांकन केंद्र में प्रवेश कर गए। जैसे ही टीडीपी कार्यकर्ता केंद्र में घुसे, पुलिस ने सांसद को एक कमरे में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हमलावरों द्वारा कमरे में घुसने की कोशिश के कारण पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सांसद की कमीज पर खून लगा हुआ देखा गया। उनके सुरक्षा गार्ड भी घायल हो गए।

इन घटनाक्रमों के मद्देनजर, वाईएसआरसीपी के तिरुपति सांसद मद्दिला गुरुमूर्ति ने स्थानीय निकाय चुनाव नामांकन प्रक्रिया के दौरान पुंगनूर में मिथुन रेड्डी पर हुए हमले के संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल, आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयुक्त और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को अलग-अलग अभ्यावेदन लिखे हैं।

--आईएएनएस

एमएस/

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