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केंद्र सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं पर संयुक्त समिति बनाएगी : प्रह्लाद जोशी

केंद्र सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं पर संयुक्त समिति बनाएगी : प्रह्लाद जोशी
केंद्र सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं पर संयुक्त समिति बनाएगी : प्रह्लाद जोशी

नई दिल्ली/बेंगलुरु, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक संयुक्त समिति का गठन करेगी। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसानों के साथ हाल ही में हुई बैठक सफल रही और किसानों को सड़क जाम करने जैसे कदम उठाने की कोई जरुरत नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहली बार गन्ना किसानों को उनकी शिकायतें सुनने के लिए दिल्ली बुलाया गया और उनके साथ विस्तार से चर्चा की गई।

उन्होंने किसानों से विरोध-प्रदर्शन का रास्ता न अपनाने का आग्रह किया और कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी।

दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक संबद्धता से ऊपर उठकर राज्य सरकारों के साथ मिलकर गन्ना किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रह्लाद जोशी ने वरिष्ठ अधिकारियों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों और किसान नेताओं के साथ मिलकर गन्ना किसानों की समस्याओं पर तीन से चार घंटे तक विस्तृत चर्चा की।

जोशी ने कहा, "गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान एक-दो दिन में या केवल एक-दो मंत्रालयों द्वारा नहीं किया जा सकता। इसके लिए कई मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों और राज्य सरकारों की भागीदारी की आवश्यकता है। सरकार जल्द ही गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर लाएगी। इसलिए, किसी को भी सड़क जाम करने की आवश्यकता नहीं है।"

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और केंद्र व राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति किसानों की समस्याओं का अध्ययन करेगी और उनके दीर्घकालिक समाधान के लिए उपाय सुझाएगी।

दिल्ली में हुई बैठक के विफल होने के दावों को खारिज करते हुए जोशी ने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र के किसान नेताओं के साथ हुई चर्चा रचनात्मक और फलदायी रही। उन्होंने कहा कि किसान नेता राजू शेट्टी भी समस्याओं का अध्ययन करने और स्थायी समाधान की दिशा में काम करने के लिए संयुक्त समिति बनाने के केंद्र के निर्णय से सहमत थे।

उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल तीन-चार किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भी सुझाव दिए, जिन पर विचार किया गया। बैठक के दौरान, शामिल लोगों ने गन्ना किसानों की कई चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की। इनमें कथित तौर पर 'उचित और लाभकारी मूल्य', 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' की मांग, गन्ना तौलने में गड़बड़ी, कटाई के बाद चीनी मिलों द्वारा नौ प्रतिशत बर्बादी की कटौती और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए अलग कीमत तय करने जैसे मुद्दे शामिल थे।

जोशी ने कहा कि कर्नाटक सरकार से किसानों के हितों की रक्षा के लिए गन्ने के लिए ' राज्य सलाहकार मूल्य' लागू करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि तमिलनाडु, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश पहले ही राज्य सलाहकार मूल्य लागू कर चुके हैं और कहा कि कर्नाटक को भी गन्ना किसानों को बेहतर रिटर्न दिलाने के लिए ऐसा ही कदम उठाने पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार से चीनी रिकवरी दरों, नौ प्रतिशत बर्बादी की कटौती और गन्ना तौलने में गड़बड़ी से जुड़े मुद्दों पर चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आग्रह किया।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम

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