केंद्र सरकार दक्षिण भारत के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध: अश्विनी वैष्णव
विशाखापट्टनम, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार दक्षिण भारत के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विपक्ष पर दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय का झूठा नैरेटिव गढ़ने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर क्षेत्र में किए जा रहे वादों और वास्तविक कार्यों से यह नैरेटिव बार-बार टूट रहा है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में यहां गूगल क्लाउड इंडिया एआई हब के शिलान्यास समारोह में अपने संबोधन में वैष्णव ने कहा कि बजट 2026-27 में घोषित बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स से दक्षिण भारत के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।
उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों में हर क्षेत्र में निवेश बढ़ रहा है और कोई यह नहीं कह सकता कि इन राज्यों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
मंत्री ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' की नीति रेलवे, सड़क, बिजली, बंदरगाह और शिपिंग जैसे सभी क्षेत्रों में दिखाई दे रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दक्षिण भारत का हर राज्य समान रूप से विकास करेगा।
उन्होंने बताया कि अमरावती-हैदराबाद बुलेट ट्रेन से यात्रा का समय सिर्फ 70 मिनट रह जाएगा। अमरावती से चेन्नई का सफर 112 मिनट में पूरा होगा, जबकि हैदराबाद-पुणे के बीच यात्रा 1 घंटा 55 मिनट में हो सकेगी।
मंत्री ने आगे कहा कि चेन्नई-बेंगलुरु बुलेट ट्रेन से सफर सिर्फ 73 मिनट का होगा और हैदराबाद से बेंगलुरु की यात्रा 2 घंटे 8 मिनट में पूरी हो जाएगी।
उन्होंने आंध्र प्रदेश के रेलवे बजट का भी जिक्र किया और बताया कि 10 साल पहले संयुक्त आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए रेलवे बजट 886 करोड़ रुपए था, जो अब सिर्फ आंध्र प्रदेश के लिए बढ़कर 10,134 करोड़ रुपए हो गया है।
मंत्री ने बताया कि आंध्र प्रदेश में 1.06 लाख करोड़ रुपए के रेलवे प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जो पहले सोचना भी मुश्किल था।
राज्य में 74 रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 832 फ्लाईओवर और अंडरपास बन चुके हैं और 299 पर काम चल रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि आंध्र प्रदेश में 1,759 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बन चुका है और 3,300 किलोमीटर ट्रैक पर काम जारी है। राज्य में 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण भी हो चुका है।
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में 16 वंदे भारत और 22 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं।
वैष्णव ने घोषणा की कि कोलकाता से चेन्नई तक पूरे पूर्वी तट पर जहां-जहां डबल रेलवे लाइन है, उसे चार लाइन में बदला जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे 500 नई ट्रेनें चल सकेंगी और माल ढुलाई तथा कंटेनर ट्रेनों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे बंदरगाह, पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि साउथ कोस्ट रेलवे जोन को 1 जून को आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस कदम से आंध्र प्रदेश से किया गया वादा पूरा हो जाएगा।
2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय तत्कालीन सरकार ने विशाखापट्टनम में मुख्यालय के साथ एक नया रेलवे जोन बनाने का वादा किया था।
जनवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी ने विशाखापट्टनम में साउथ कोस्टल रेलवे जोन मुख्यालय के निर्माण की आधारशिला रखी थी।
--आईएएनएस
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