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कर्नाटक में सूखे का जायजा ले रहीं केंद्रीय टीमें, 11 हजार करोड़ मुआवजे की मांग: जी. परमेश्वर

कर्नाटक में सूखे का जायजा ले रहीं केंद्रीय टीमें, 11 हजार करोड़ मुआवजे की मांग: जी. परमेश्वर
कर्नाटक में सूखे का जायजा ले रहीं केंद्रीय टीमें, 11 हजार करोड़ मुआवजे की मांग: जी. परमेश्वर

बेंगलुरु, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने सोमवार को कहा कि सूखे से प्रभावित इलाकों में जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए केंद्र की तीन टीमें 3 से 6 अक्टूबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रही हैं। मंत्री परमेश्वर ने कहा कि सूखे का असर कर्नाटक के जीएसटी कलेक्शन पर भी पड़ सकता है।

राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि टीमों को तीन ग्रुप में बांटा था और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में भेजा गया था। हर टीम तीन से चार जिलों का दौरा कर रही थी और पहले चरण में सूखाग्रस्त घोषित किए गए 101 तालुकों में स्थिति का जायजा ले रही थी। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और मैंने केंद्रीय टीमों का स्वागत किया और उन्हें राज्य में सूखे की स्थिति के बारे में जानकारी दी। हमने उनसे दूसरे चरण में सूखाग्रस्त घोषित किए गए बाकी 77 तालुकों का दौरा और निरीक्षण करने का भी अनुरोध किया। इसी आधार पर वे लगभग सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं। केंद्रीय टीमों के सदस्यों ने कुछ जगहों पर किसानों से सीधे बातचीत की।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीमों का निरीक्षण पूर्ण होने के बाद वे केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। केंद्र इस रिपोर्ट के आधार पर कर्नाटक द्वारा मांगी गई मुआवजे की राशि पर फैसला करेगा। सूखे के कारण राज्य को 177 तालुकों में लगभग 46,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हमने लगभग 10,000 से 11,000 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है। हमने केंद्रीय टीमों के सामने भी यही मांग रखी है।

राजस्व विभाग की विभिन्न सेवाओं के शुल्क में अचानक बढ़ोतरी की खबरों पर, मंत्री परमेश्वर ने कहा कि जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए कुछ सेवा शुल्कों में मामूली बढ़ोतरी की गई है। जब रहने का खर्च बढ़ रहा है और हर चीज की कीमतें बढ़ रही हैं, तो कुछ सर्विस चार्ज में भी थोड़ी बढ़ोतरी की गई है। जब केंद्र से मिलने वाले फंड में कमी हो, तो कर्नाटक को अपने रेवेन्यू के स्रोतों को मजबूत करने की जरूरत है। इसलिए कुछ चार्ज में थोड़ी बढ़ोतरी की गई है।

कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम की धारा 79ए और 79बी पर फिर से विचार करने की संभावना के बारे में जी. परमेश्वर ने कहा कि इन प्रावधानों को पहले कई कारणों से हटा दिया गया था, लेकिन सरकार को इन पर फिर से विचार करने की मांग वाली कई अर्जियां मिली हैं। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद हम मुख्यमंत्री के साथ इस पर चर्चा करेंगे। अगर इसे कैबिनेट के सामने ले जाने की जरूरत पड़ी, तो हम इसे कैबिनेट के सामने रखेंगे।

जी. परमेश्वर ने कहा कि सूखे का असर कर्नाटक के जीएसटी कलेक्शन पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन के मामले में कर्नाटक लगातार देश में दूसरे स्थान पर रहा है और राज्य केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार बिना किसी कमी या अनियमितता के जीएसटी इकट्ठा कर रहा है। हमने हर जीएसटी काउंसिल की बैठक में कर्नाटक का पक्ष रखा है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सूखे के कारण फसल का नुकसान हुआ है और इसका असर सभी सेक्टर पर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से जीएसटी कलेक्शन में भी गिरावट आ सकती है। वित्तीय विशेषज्ञों ने पहले ही कहा कि ऐसा हो सकता है। सरकार आने वाले दिनों में इसके असर का आकलन करेगी और उसने जरूरी बफर भी रखा है। जी. परमेश्वर ने कहा कि हम यह भी देख रहे हैं कि जीएसटी कलेक्शन बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक ऐसे सूखे का सामना कर रहा है जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा और इसका असर निश्चित रूप से सभी सेक्टर पर पड़ेगा, जिसमें जीएसटी कलेक्शन भी शामिल है।

दूसरी ओर, फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग के बारे में चुनाव आयोग को दी गई शिकायत पर जी. परमेश्वर ने कहा कि सरकार ने अपनी शिकायत के साथ सबूत भी पेश किए हैं। उन्होंने कहा कि वे अपना काम करेंगे और हम अपना। हमने लोगों को फॉर्म 7 का गलत इस्तेमाल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा और सबूत सौंपे।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी

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