Samachar Nama
×

सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला, रिश्वतखोरी के मामले में नेशनल आर्काइव्स के पूर्व अभिलेखापाल को तीन वर्ष की सजा

सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला, रिश्वतखोरी के मामले में नेशनल आर्काइव्स के पूर्व अभिलेखापाल को तीन वर्ष की सजा
सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला, रिश्वतखोरी के मामले में नेशनल आर्काइव्स के पूर्व अभिलेखापाल को तीन वर्ष की सजा

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। अहमदाबाद की एक सीबीआई अदालत ने बुधवार को एक रिश्वत मामले में सतधारी लाल साहू को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 20,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

सतधारी लाल साहू उस समय राजस्थान के जयपुर स्थित झालाना डूंगरी में 'नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया' के रिकॉर्ड सेंटर में आर्काइविस्ट (अभिलेखापाल) के पद पर तैनात थे।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 26 दिसंबर 2012 को एक मामला दर्ज किया। यह मामला तब दर्ज हुआ, जब एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि साहू ने सरकारी रिकॉर्ड की प्रतियां देने के बदले में उनसे अवैध रूप से पैसे की मांग की थी।

सीबीआई के अनुसार, साहू ने राजकोट के सर्वे से जुड़े पुराने सीआरओ रिकॉर्ड और ब्रिटिश काल के जमीनी रिकॉर्ड वाली एक फाइल की प्रतियां देने के लिए 15,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी।

इसके बाद, एजेंसी ने एक जाल बिछाया और साहू को शिकायतकर्ता से 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उसे 26 दिसंबर 2012 को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद, जांच के हिस्से के रूप में सीबीआई ने उसके घर और दफ्तर में तलाशी ली। जांच पूरी होने के बाद, एजेंसी ने 28 जून 2013 को साहू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

मुकदमे के बाद, अदालत ने उसे दोषी ठहराया और तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

एक अलग मामले में, इससे पहले 23 अक्टूबर को सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोन के दो अधिकारियों को 5 लाख रुपए की कथित रिश्वतखोरी के मामले में पकड़ा था।

आरोपियों की पहचान प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार और हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी के रूप में हुई, जो ईडी के लखनऊ कार्यालय में तैनात थे।

सीबीआई की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एजेंसी ने अवैध रूप से पैसे मांगने की शिकायत मिलने के बाद इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि द्विवेदी ने प्रवर्तन निदेशालय के एक मामले में मदद करने के बदले शिकायतकर्ता के पिता से रिश्वत मांगी थी। बताया गया है कि शिकायतकर्ता के पिता को अगस्त और सितंबर में ईडी के लखनऊ जोन से दो समन मिले थे।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, सीबीआई ने बुधवार को एक जाल बिछाया। इस दौरान, द्विवेदी को प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार की ओर से 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम

Share this story

Tags