एंटी ड्रग एक्टिविस्ट की हत्या के बाद पंजाब में बंद का आह्वान
चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद गुरुवार को पंजाब भर में बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी), शिरोमणि अकाली दल (एसएडी), कांग्रेस और किसान संघों सहित कई राजनीतिक दलों और संगठनों का समर्थन मिला है।
इसका राज्यव्यापी प्रभाव और सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक दुकानों, परिवहन सेवाओं और अन्य संस्थानों की भागीदारी से जनजीवन, विशेष रूप से दैनिक यात्रियों के लिए, व्यवधान उत्पन्न होने की संभावना है।
धार्मिक, राजनीतिक और किसान संगठनों के समर्थन ने बंद के आह्वान को व्यापक समर्थन दिया है, जिसका उद्देश्य हत्या और राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के व्यापक मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
हत्या के बाद गठित संयुक्त कार्रवाई समिति ने बंद का आह्वान किया है।
समिति ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच, मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को हटाने की मांग की है।
उन्होंने चंडीगढ़ के स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के एक पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग की है।
पीड़ित के गृह नगर मानसा में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे झोटा का अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे।
पीड़ित परिवार ने प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने में हुई देरी पर नाराजगी जताई है, उनका कहना है कि एफआईआर घटना के लगभग 30 घंटे बाद दर्ज की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान और बाद में पुलिस की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई।
एसजीपीसी ने घोषणा की है कि बंद के समर्थन में गुरुवार को उसके कार्यालय और संस्थान बंद रहेंगे। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान और पीड़ित परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त की है।
एसजीपीसी, एसएडी, किसान संगठनों और कांग्रेस के समर्थन ने हत्या के लिए जवाबदेही की बढ़ती जन और राजनीतिक मांग को रेखांकित किया है।
45 वर्षीय जोटा की मंगलवार को मानसा के एक मेडिकल स्टोर में कथित तौर पर ड्रग्स बेचने के आरोप में स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से बहस के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई।
यह बहस फेसबुक पर लाइव प्रसारित हो रही थी। गोलीबारी में जोटा के चार सहयोगी भी घायल हो गए।
इस हत्या के बाद मानसा में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जिसमें निवासियों और समर्थकों ने अवैध ड्रग्स व्यापार में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आगे और प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी।
आरोपी को बाद में राजस्थान में गिरफ्तार कर लिया गया।
--आईएएनएस
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