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कलकत्ता हाई कोर्ट ने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के सरकारी आदेश के खिलाफ रैली की दी अनुमति

कलकत्ता हाई कोर्ट ने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के सरकारी आदेश के खिलाफ रैली की दी अनुमति
कलकत्ता हाई कोर्ट ने धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाने के सरकारी आदेश के खिलाफ रैली की दी अनुमति

कोलकाता, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-न्यायाधीश पीठ ने सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार के राज्य के सभी धार्मिक स्थलों से माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर हटाने के आदेश के खिलाफ मंगलवार को विरोध रैली के लिए सशर्त अनुमति दे दी।

कोलकाता पुलिस द्वारा रैली की अनुमति देने से इनकार किए जाने के बाद इस संबंध में एक याचिका सोमवार की सुबह न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य के समक्ष दायर की गई। यह याचिका सीपीआई (एम) नेता अब्दुल समद ने दायर की थी, जिनका प्रतिनिधित्व अधिवक्ता सब्यसाची चट्टोपाध्याय ने किया।

सोमवार को दूसरे सत्र में इस मामले की सुनवाई हुई और सुनवाई के अंत में न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की पीठ ने रैली के लिए सशर्त मंजूरी दी।

एकल न्यायाधीश पीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तावित रैली के मार्ग को सीमित कर दिया। उत्तरी कोलकाता के राजाबाजार से मध्य कोलकाता के रानी राश्मोनी रोड तक रैली निकालने की अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, न्यायालय ने मार्ग को मध्य कोलकाता के राजाबाजार-मौलाली तक ही सीमित कर दिया।

आदेशानुसार, रैली सुबह 11 बजे शुरू होनी चाहिए और एक घंटे के भीतर समाप्त हो जानी चाहिए। रैली के दौरान माइक्रोफोन या लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं होगी।

इसी बीच, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने अंतिम समय में पुलिस के अनुमति देने से इनकार करने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने 7 अगस्त की शाम को इनकार की सूचना क्यों दी, जबकि आवेदन 3 अगस्त को ही जमा कर दिया गया था।

सुनवाई के दौरान, एडवोकेट जनरल सुरजीत नाथ मित्रा ने अदालत को सूचित किया कि आवेदन में कुछ जानकारी का खुलासा न किए जाने के कारण अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।

सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपब्रता चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष एक जनहित याचिका भी दायर की गई, जिसमें पश्चिम बंगाल के सभी धार्मिक स्थलों से माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर हटाने के राज्य सरकार के आदेश को वापस लेने की मांग की गई।

जनहित याचिका को स्वीकार कर लिया गया है, हालांकि पहली सुनवाई की तारीख की घोषणा बाकी है।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम

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