अभिषेक बनर्जी की याचिका को कलकत्ता हाईकोर्ट ने वेकेशन बेंच के पास भेजने से किया इनकार
कोलकाता, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने गुरुवार को अभिषेक बनर्जी की एक याचिका को सुनवाई के लिए अवकाशकालीन पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया। डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपनी याचिका में मांग की थी कि उनके खिलाफ विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच से जुड़ी खबरों के प्रकाशन पर रोक लगाई जाए।
इससे पहले, 13 अक्टूबर को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने याचिका स्वीकार तो कर ली लेकिन तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। गुरुवार को बनर्जी के वकील ने दलील दी कि भले ही इस मामले की निर्धारित सुनवाई दिसंबर में होनी है लेकिन जांच से जुड़ी खबरें लगभग रोज मीडिया में आ रही हैं।
बनर्जी के वकील ने कहा कि अगर तत्काल सुनवाई संभव नहीं है, तो इस मामले को सुनवाई के लिए किसी 'वेकेशन बेंच' (छुट्टियों के दौरान बैठने वाली बेंच) के पास भेजा जा सकता है। हालांकि, जस्टिस भट्टाचार्य ने मामले को वेकेशन बेंच के पास भेजने की अपील को तुरंत खारिज कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वेकेशन बेंच कोई "डंपिंग ग्राउंड" (कचरा डालने की जगह) नहीं है, जहां किसी भी मामले को सुनवाई के लिए भेज दिया जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला पहले एक दूसरी सिंगल बेंच के पास गया था और फिर एक डिवीजन बेंच के जरिए उनकी बेंच के पास सुनवाई के लिए आया है। इसलिए, उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्काल सुनवाई संभव नहीं है।
पिछले हफ्ते अभिषेक बनर्जी ने जस्टिस कृष्ण राव की सिंगल बेंच के सामने यह याचिका रखी थी। जस्टिस राव ने इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया लेकिन याचिका को खारिज नहीं किया। उन्होंने बनर्जी को सही बेंच के पास जाने की सलाह दी क्योंकि याचिका में आरोप लगाया गया था कि जांच एजेंसियां मीडिया को जानकारी लीक कर रही हैं।
इसके बाद, एक डिवीजन बेंच के जरिए यह मामला जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच के पास सुनवाई के लिए भेजा गया। 13 अक्टूबर को उन्होंने याचिका स्वीकार तो कर ली लेकिन तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। अभिषेक बनर्जी कुछ समय से सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कई मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं।
इस साल की शुरुआत में विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने पर, राज्य की एजेंसियों जैसे कि आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने भी उनसे जुड़े कुछ अन्य मामलों में जांच शुरू कर दी है। सीआईडी के अधिकारियों ने इन जांचों के सिलसिले में डायमंड हार्बर के सांसद से कई बार पूछताछ की है।
अभिषेक बनर्जी के वकील का कहना है कि उनके मुवक्किल से हुई पूछताछ की जानकारी, जिसमें जांचकर्ताओं द्वारा पूछे गए सवाल भी शामिल हैं, मीडिया में लीक की जा रही है। याचिका में बनर्जी की विदेश यात्राओं और अन्य निजी मामलों की रिपोर्टों को लेकर भी चिंता जताई गई है। इन मामलों का जांच के दायरे में चल रहे मुकदमों से कोई सीधा संबंध नहीं है।
वकील ने दलील दी कि ऐसी रिपोर्टें अभिषेक बनर्जी के निजता के अधिकार का उल्लंघन करती हैं और इससे उनकी गरिमा व प्रतिष्ठा पर असर पड़ता है। याचिका में मांग की गई है कि चल रही जांच से जुड़ी रिपोर्टों के प्रकाशन पर रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे जांच से जुड़ी जानकारियों और निजी सूचनाओं के सार्वजनिक होने का खतरा है।
--आईएएनएस
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