कर्नाटक उपचुनाव: भाजपा का आरोप, 5 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज के लिए सिद्दारमैया जिम्मेदार
बागलकोट, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के बागलकोट में उपचुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा महासचिव और एमएलसी सीटी रवि ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर राज्य को भारी कर्ज में डुबोने का आरोप लगाया।
मीडिया से बातचीत में सी.टी. रवि ने कहा कि कर्नाटक पर कुल कर्ज 8.32 लाख करोड़ रुपये हो चुका है, जिसमें से 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज सिद्धारमैया के कार्यकाल में लिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या उन्हें "सालादा (कर्जदार) रमैय्या" कहना गलत है।
भाजपा नेता ने वर्षवार आंकड़े देते हुए बताया कि 2023–24 में 90,280 करोड़, 2024–25 में 1.07 लाख करोड़, 2025–26 में 1.16 लाख करोड़ और 2026–27 में 1.32 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया।
उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों में कुल उधारी का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा सिद्धारमैया के कार्यकाल में हुआ, जबकि पिछले 30 वर्षों में अन्य मुख्यमंत्रियों के समय में केवल 40 प्रतिशत कर्ज लिया गया।
सी.टी. रवि ने राज्य सरकार पर 6,000 करोड़ रुपये के आबकारी घोटाले का भी आरोप लगाया और आबकारी मंत्री आर. बी. थिम्मापुर का नाम लिया। उन्होंने मुदा घोटाले और ड्रग्स से जुड़े मामलों का भी जिक्र करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
उन्होंने किसानों की आत्महत्या के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि कर्नाटक इस मामले में दूसरे स्थान पर है, जो गंभीर स्थिति को दर्शाता है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और ईमानदार अधिकारियों की आत्महत्याओं का भी मुद्दा उठाया।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी है और माताओं व शिशुओं की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार या तो भ्रष्टाचार या महंगाई को लेकर सुर्खियों में रहती है।
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस घटना में 11 लोगों की मौत हुई और इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
अंत में सी.टी. रवि ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों को चुनौती देते हुए पूछा कि वे अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाएं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बागलकोट के लिए क्या ठोस काम किया गया है और कहा कि उपचुनाव नजदीक नहीं होते तो शायद मेडिकल कॉलेज की नींव भी नहीं रखी जाती।
--आईएएनएस
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