‘राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश’, सीएम सिद्दारमैया ने देवेगौड़ा-कुमारस्वामी को घेरा
दावणगेरे, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और भाजपा व विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ये लोग राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए भाजपा में शामिल हो गए हैं।
उन्होंने मीडिया को भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इन नेताओं की पिछली टिप्पणियों की याद दिलाई।
दावणगेरे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सीएम सिद्दारमैया ने इन नेताओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया, जो अब भाजपा के साथ जुड़ गए हैं।
उन्होंने पूछा, "क्या आप नहीं जानते कि इन सभी नेताओं ने पहले भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में क्या-क्या कहा था? अब, अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। हमारे ऊपर उंगली उठाने का उन्हें क्या नैतिक अधिकार है?"
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य की जनता ने कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं की सराहना की है और भाजपा पर इन गरीब-समर्थक पहलों का विरोध करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, " भाजपा गरीबों के खिलाफ है और संविधान के भी खिलाफ है। राज्य की जनता के पास ऐसी पार्टी का समर्थन करने का कोई कारण नहीं है।"
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के इस बयान पर कि वे परिवारवाद की राजनीति नहीं करते और जनता ने खुद उन्हें चुनावी राजनीति में उतारा है, सिद्दारमैया ने पलटवार करते हुए चन्नापटना में कुमारस्वामी के बेटे की हार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "अगर ऐसा है, तो उनके बेटे की हार क्यों हुई? जब जनता चाहे तो चुनाव लड़ना गलत नहीं है, लेकिन जब जनता उन्हें नकार देती है, तब क्या वे यही बात कहते हैं?"
इस सवाल के जवाब में कि क्या मंत्री जमीर अहमद ने दावणगेरे दक्षिण में जोर-शोर से प्रचार नहीं किया था, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीर केरल और बागलकोट सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे, और उन्होंने दावणगेरे में भी प्रचार किया था।
उन्होंने कहा, "जमीर पार्टी के एक अनुशासित सिपाही हैं। उन्होंने मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं तक कांग्रेस के समर्थन में एक स्पष्ट संदेश पहुंचाया है।"
सिद्दारमैया ने भाजपा नेता और परिषद में विपक्ष के नेता चालवादी नारायणस्वामी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह पहले कांग्रेस में थे, पार्टी से फायदा उठाया, और बाद में इसी तरह के फायदों के लिए भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने पूछा, "क्या आप जानते हैं कि उन्होंने पहले भाजपा के बारे में क्या-क्या कहा था?"
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व पीएम देवेगौड़ा और उनके बेटे, केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया है, और उन्हें भाजपा और आरएसएस के खिलाफ दिए गए अपने पुराने बयान याद करने चाहिए।
जेडी(एस) की आलोचना करते हुए सिद्दारमैया ने कहा कि जब वह पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे, तब पार्टी ने 59 सीटें जीती थीं, लेकिन उसके बाद से वह उस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है और अब घटकर 19 सीटों पर सिमट गई है।
कुमारस्वामी के इस आरोप का जवाब देते हुए कि कांग्रेस सरकार राज्य में औद्योगिक विकास का समर्थन नहीं कर रही है, मुख्यमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा, "जो व्यक्ति सामने दिए गए घोड़े पर चढ़ नहीं सकता, उसे बहादुर या वीर नहीं कहा जा सकता।"
--आईएएनएस
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