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बजट 2026-27 में टैक्स रेवेन्यू में 8 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान, 44.04 लाख करोड़ रुपए कमाई की उम्मीद

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने कुल सकल कर राजस्व (ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू) 44.04 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में करीब 8 प्रतिशत ज्यादा है।
बजट 2026-27 में टैक्स रेवेन्यू में 8 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान, 44.04 लाख करोड़ रुपए कमाई की उम्मीद

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में सरकार ने कुल सकल कर राजस्व (ग्रॉस टैक्स रेवेन्यू) 44.04 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में करीब 8 प्रतिशत ज्यादा है।

डायरेक्ट टैक्स, जिसमें कॉरपोरेट टैक्स और पर्सनल इनकम टैक्स शामिल हैं, से 26.97 लाख करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है, जो कुल टैक्स आमदनी का करीब 61.2 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, इनडायरेक्ट टैक्स से 17.07 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद जताई गई है।

बजट अनुमान 2026-27 में टैक्स और जीडीपी का अनुपात 11.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह बजट सोलहवें वित्त आयोग (16वां फाइनेंस कमीशन) की सिफारिशों के लागू होने का पहला साल भी है। वित्त आयोग ने राज्यों को मिलने वाले टैक्स हिस्से को 41 प्रतिशत पर ही बनाए रखने की सिफारिश की है।

केंद्र सरकार को मिलने वाली शुद्ध टैक्स आमदनी (नेट टू सेंटर) 28.67 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। इसके अलावा, गैर-कर राजस्व (नॉन-टैक्स रेवेन्यू-एनटीआर) 6.66 लाख करोड़ रुपए रहने की उम्मीद है।

वहीं, केंद्र सरकार की कुल रेवेन्यू रिसीट, जिसमें टैक्स और नॉन-टैक्स दोनों शामिल हैं, 35.33 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। यह राशि 2025-26 के मुकाबले करीब 5.7 प्रतिशत ज्यादा है।

बजट 2026-27 में केंद्र सरकार का कुल खर्च 53.47 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो जीडीपी का करीब 13.6 प्रतिशत है और पिछले साल (49.65 लाख करोड़ रुपए) की तुलना में 7.7 प्रतिशत ज्यादा है।

वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार ने पूंजीगत खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के लिए 12.22 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो जीडीपी का 3.1 प्रतिशत है। इसमें राज्यों को दिए जाने वाले विशेष ऋण के रूप में 2.0 लाख करोड़ रुपए की सहायता भी शामिल है।

केंद्र सरकार का प्रभावी पूंजीगत खर्च, सरकार के अपने खर्च और पूंजीगत संपत्ति बनाने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को मिलाकर तय किया जाता है। यह निवेश देश की आर्थिक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है।

बजट 2026-27 में पूंजीगत संपत्ति बनाने के लिए अनुदान के रूप में 4.93 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो जीडीपी का करीब 1.3 प्रतिशत है।

इस तरह वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार का कुल प्रभावी पूंजीगत खर्च 17.15 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो जीडीपी का लगभग 4.4 प्रतिशत है।

--आईएएनएस

डीबीपी/

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