त्योहारों के बीच तेलंगाना में आरटीसी बस किराया बढ़ाने पर बीआरएस नेता हरीश राव ने उठाए सवाल
हैदराबाद, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उपनेता टी. हरीश राव ने त्योहारों के दौरान राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की बसों का किराया बढ़ाने को लेकर रविवार को कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से सवाल किया कि क्या सरकार हर त्योहार के मौके पर मनमाने ढंग से किराया बढ़ाकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ डालने की नीति अपना रही है।
पूर्व मंत्री हरीश राव ने एक बयान में कहा कि बथुकम्मा और दशहरा जैसे त्योहारों पर लोगों को उपहार देने के बजाय टिकटों की कीमत दोगुनी करके उनसे पैसे वसूलना शर्मनाक है। बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि पहले नियमित बस सेवाओं की संख्या कम की जा रही है और फिर तथाकथित विशेष बसों के नाम पर यात्रियों से अधिक किराया वसूला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सिकंदराबाद के जेबीएस से करीमनगर तक बस का किराया 230 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। वहीं, महबूबनगर से हैदराबाद के एमजीबीएस तक का किराया, जो हाल तक 220 रुपये था, अब 290 रुपये से अधिक हो गया है।
हरीश राव ने मुख्यमंत्री से कहा कि राज्य के सभी मार्गों पर बस किराया दोगुना करके आम लोगों की जेब पर बोझ डाला जा रहा है और त्योहारों की खुशियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरटीसी की कुल बसों की संख्या बढ़ाए बिना ही नियमित बसों पर 'त्योहार विशेष' के बोर्ड लगाए जा रहे हैं, ताकि बढ़े हुए किराये को उचित ठहराया जा सके।
बीआरएस नेता ने महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने की सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के बावजूद पुरुष यात्रियों से दोगुना किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि पत्नी का टिकट मुफ्त है और उसके पति से दोगुना किराया लिया जाता है, तो क्या इसे वास्तव में महिलाओं को दी जाने वाली रियायत कहा जा सकता है या फिर इसका आर्थिक बोझ उसी परिवार पर डाला जा रहा है।
हरीश राव ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के अब तक के तीन साल के कार्यकाल में आरटीसी बसों का किराया पांच बार बढ़ाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब त्योहारों के नाम पर दोगुना किराया वसूलने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के इस रवैये के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग त्योहारों पर अपने गृह नगर जाने से भी हिचकिचा रहे हैं।
बीआरएस नेता ने राज्य सरकार से तत्काल जवाब देने और त्योहारों के नाम पर बढ़ाए गए किराये को वापस लेने की मांग की। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नियमित बस सेवाएं पहले की तरह संचालित की जाएं, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
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