ब्रिक्स फोरम से भारतीय कारोबारियों के लिए नए अवसर खुलेंगे और व्यापारिक संबंध भी होंगे मजबूत: एक्सपर्ट्स
नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। ब्रिक्स के भीतर व्यापारिक बाधाओं को कम करने और कारोबार-से-कारोबार (बी2बी) संबंधों को मजबूत करने के प्रयास भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खोल सकते हैं और नए अवसर पैदा कर सकते हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यापार जगत से जुड़े इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने शुक्रवार को यह बयान दिया।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साइडलाइन में कजाकिस्तान स्थित यूरेशिया मोटर्स के प्रबंध निदेशक एवगेनी जखारोव ने कहा कि यह फोरम कारोबारियों को सीधे संपर्क स्थापित करने और संभावित साझेदारों की पहचान करने में मदद कर रहा है।
जखारोव ने आईएएनएस से कहा, “द्विपक्षीय स्तर पर दोनों देशों के बीच फिलहाल व्यापार बहुत अधिक नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि इसमें सुधार होगा।”
उन्होंने कहा कि फोरम कंपनियों को सीधे संवाद करने और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद कर रहा है।
उन्होंने बताया कि फोरम में उनकी पहले ही कई संभावित साझेदारों से मुलाकात हो चुकी है और उन्हें उम्मीद है कि इन बातचीत से भविष्य में सहयोग के रास्ते खुलेंगे।
जखारोव ने कहा, “मेरे लिए यह अभी शुरुआत हुई है...मैं पहली बार इस फोरम में हिस्सा ले रहा हूं, लेकिन मुझे लगता है कि यह काफी शानदार है, क्योंकि यहां कई देश और बहुत सारे अवसर हैं।”
वहीं, इथियोपियन सोलर एनर्जी डेवलपमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन डेरेजे वालेलिग्न मेरा ने कहा कि ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल सदस्य देशों के बीच कारोबार में आने वाली बाधाओं की पहचान करने और उन्हें दूर करने के लिए क्षेत्र-विशेष समूहों के माध्यम से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ये कार्य समूह टैरिफ और अन्य ऐसी बाधाओं की समीक्षा करते हैं, जो सीमा पार कारोबार को मुश्किल बनाती हैं। इन बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से सिफारिशें तैयार की जाती हैं।
डेरेजे वालेलिग्न मेरा ने आईएएनएस से कहा, “अगर इस तरह की सभी बाधाएं दूर कर दी जाएं, तो ब्रिक्स प्लस देश एक-दूसरे के साथ बहुत आसानी से कारोबार कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि व्यापार और कारोबारी गतिविधियों को आसान बनाने से ब्रिक्स ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख मंच बन सकता है।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता व्यापार, निवेश, वित्त, प्रौद्योगिकी और आर्थिक सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर चर्चा करते हैं।
भारत के लिए ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध कंपनियों को नए बाजारों तक बेहतर पहुंच प्रदान कर सकते हैं। साथ ही, इससे व्यापारिक संबंधों और आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में भी मदद मिलेगी।
फोरम से मिलने वाली कारोबारी सिफारिशों को व्यापक ब्रिक्स एजेंडे में भी शामिल किए जाने की उम्मीद है। इसमें ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, एमएसएमई और वैल्यू-चेन एकीकरण से जुड़ी पहल शामिल हैं।
--आईएएनएस
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