ब्राजील ने राजदूत के खिलाफ अमेरिकी वीजा कार्रवाई की निंदा की
रियो डी जनेरियो, 5 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका द्वारा ब्राजील की राजदूत का वीजा रद्द करने पर ब्राजील सरकार ने कड़ी नाराजगी जताई। ब्राजील ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इस फैसले को गलत और आधारहीन बताया।
मामला ब्राजील की वाशिंगटन में तैनात राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी के वीजा से जुड़ा है। अमेरिकी सरकार ने पिछले महीने ब्राजील द्वारा दो अमेरिकी अधिकारियों को वीजा न देने और ट्रंप प्रशासन के नए राजदूत की नियुक्ति में देरी करने के जवाब में यह कदम उठाया।
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि जिन दो अमेरिकी अधिकारियों को वीजा देने से मना किया गया था, वे ब्राजील के चुनावी सिस्टम की जांच करने आना चाहते थे। ब्राजील ने इसे देश के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य दखल करार दिया।
नए अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति पर भी ब्राजील ने सफाई देते हुए कहा कि अमेरिका ने डेनियल पेरेज का नाम सार्वजनिक रूप से घोषित कर दिया था जबकि औपचारिक मंजूरी के लिए अनुरोध बाद में भेजा गया। ब्राजील के मुताबिक यह वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 4 का उल्लंघन है।
बयान में कहा गया, "वियना कन्वेंशन में कहीं यह नहीं लिखा कि मंजूरी कितने दिन में देनी है। अमेरिका का प्रस्ताव अभी हमारी समीक्षा में है।"
ब्राजील ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका ने पहले ही ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के जजों और वरिष्ठ अधिकारियों पर एकतरफा प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इन अधिकारियों के अमेरिकी वीजा भी रद्द किए जा चुके हैं। आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक उत्पीड़न किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि राजदूत का वीजा तभी बहाल होगा जब स्थिति सुलझ जाएगी।
जून की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनियल पेरेज को ब्राजील में अगला राजदूत नामित किया था। अमेरिकी सीनेट ने अभी उनकी नियुक्ति की पुष्टि नहीं की है और ब्राजील की मंजूरी के बिना वे पदभार नहीं संभाल सकते।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब वीजा रद्द करने की सूचना आई तब राजदूत वियोटी ब्राजील में ही थीं। ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि स्थानीय चैनल ग्लोबोन्यूज से की।
पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका ब्राजील के अधिकारियों पर नए वीजा प्रतिबंध लगा रहा है और सुप्रीम कोर्ट के बड़े मामलों पर दिए फैसलों की आलोचना भी कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
--आईएएनएस
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