भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करना हमारी प्राथमिकता: आयरलैंड के राजदूत
नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। आयरलैंड के भारत में राजदूत केविन केली ने बुधवार को कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) की परिषद की अध्यक्षता के दौरान भारत के साथ यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक होगी।
बुधवार से आयरलैंड ने यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभाल ली है। अब 31 दिसंबर तक अगले छह महीनों के दौरान वह ईयू के 27 सदस्य देशों के बीच होने वाली बातचीत का नेतृत्व करेगा, परिषद की बैठकों की अध्यक्षता करेगा, यूरोपीय संघ के कानूनों और नीतियों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा और 450 मिलियन से अधिक यूरोपीय नागरिकों से जुड़े अहम मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश करेगा।
आईएएनएस से बात करते हुए राजदूत केली ने कहा कि अपनी अध्यक्षता के दौरान आयरलैंड ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को आगे बढ़ाने के लिए परिषद के काम को समर्थन देगा। साथ ही व्यापार, तकनीक, रिसर्च, कनेक्टिविटी, समुद्री सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और डिजिटल सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करने पर भी ध्यान देगा।
केली ने आईएएनएस को बताया, "हमारी सबसे बड़ी उम्मीद है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हमारी अध्यक्षता खत्म होने से पहले हस्ताक्षर हो जाएं। यही हमारा लक्ष्य है और हमें उम्मीद है कि ऐसा होगा। इसे पूरा करने के लिए हम हर संभव कोशिश करेंगे। अब बातचीत का मुश्किल हिस्सा पूरा हो चुका है और दोनों पक्षों के कानूनी विशेषज्ञ समझौते के मसौदे की जांच कर रहे हैं ताकि यह कानूनी रूप से पूरी तरह सही हो। अगर आयरलैंड की अध्यक्षता को इस बात के लिए भी याद किया जाए कि इसी दौरान भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर आखिरकार हस्ताक्षर हुए, तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।"
आयरिश राजदूत ने कहा कि यूरोपीय संघ अब भारत को अपने सबसे अहम रणनीतिक साझेदारों में से एक मानता है।
उन्होंने कहा, "हमारे अध्यक्षता कार्यक्रम में भी यह साफ दिखता है। इसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्व और भारत के साथ ईयू के रिश्तों को प्राथमिकता दी गई है।"
यह आठवीं बार है जब आयरलैंड यूरोपीय संघ की परिषद की रोटेटिंग प्रेसीडेंसी की अध्यक्षता संभाल रहा है। राजदूत केली ने कहा कि यह जिम्मेदारी यूरोप में साझेदारी, सहयोग और विकास के प्रति आयरलैंड की लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता को दिखाती है।
उन्होंने बताया कि आयरलैंड की अध्यक्षता तीन मुख्य प्राथमिकताओं पर आधारित है- प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना और सुरक्षा को मजबूत करना। इसका नारा है, 'एकता में ताकत'।
केली ने कहा कि आयरलैंड ऐसे समय में अध्यक्षता संभाल रहा है जब दुनिया बड़े भू-राजनीतिक बदलावों से गुजर रही है। कई जगह संघर्ष जारी हैं, तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और वैश्विक सहयोग की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने दोहराया कि आयरलैंड अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ मिलकर एक अधिक प्रतिस्पर्धी, सुरक्षित और मजबूत यूरोप बनाने के लिए काम करेगा, साथ ही यूरोपीय संघ के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को भी कायम रखेगा।
उन्होंने कहा, "भारत और यूरोपीय संघ को मिलाकर दुनिया की लगभग दो अरब आबादी होती है। हम दोनों मजबूत लोकतंत्र हैं, बड़ी आर्थिक ताकतें हैं और दुनिया की चुनौतियों का सामना करने में एक-दूसरे के लिए पहले से कहीं ज्यादा जरूरी साझेदार बनते जा रहे हैं। पिछले करीब तीन साल से भारत में रहते हुए मैंने एक बात बार-बार महसूस की है कि यहां लोग यूरोप में होने वाली घटनाओं पर बहुत ध्यान देते हैं। पहले जहां बातचीत का विषय ज्यादातर व्यापार होता था, वहीं अब तकनीक, सुरक्षा, भू-राजनीति और दुनिया की बदलती व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होती है।"
--आईएएनएस
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