वियतनाम नाव हादसे के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भारत की राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी को भेजे शोक संदेश
हनोई, 12 जुलाई (आईएएनएस)। वियतनाम के शीर्ष नेताओं ने रविवार को टूरिस्ट नाव हादसे के बाद भारतीय नेताओं के प्रति अपनी संवेदना जताई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई थी। उन्होंने भारत के लोगों और मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति जताई।
एन गियांग प्रांत के तट पर स्थानीय समयानुसार शनिवार को खराब समुद्री हालात में एक टूरिस्ट स्पीडबोट पलट गई। इस घटना में 32 भारतीय पर्यटक, एक वियतनामी टूर गाइड और तीन क्रू सदस्य शामिल थे।
इस हादसे में 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। उन्नीस लोगों के सुरक्षित होने की खबर है, जबकि दो भारतीय नागरिकों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इंटेंसिव मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है।
स्थानीय मीडिया आउटलेट वियतनाम न्यूज के अनुसार, राष्ट्रपति टो लैम ने प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ मिलकर हादसे को लेकर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अलग-अलग शोक संदेश भेजे।
अपने संदेशों में, वियतनामी नेताओं ने कहा कि देश में अधिकारी तुरंत सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं, घायलों का मेडिकल इलाज सुनिश्चित कर रहे हैं, पीड़ितों के परिवारों को मदद दे रहे हैं और इस हादसे के बाद के हालात से निपटने के लिए भारतीय पक्ष के साथ करीबी तालमेल बनाए हुए हैं।
नेताओं ने यह भी बताया कि संबंधित एजेंसियों ने दुर्घटना का सही कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
वियतनाम न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, उसी दिन, वियतनाम के विदेश मंत्री ले होई ट्रुंग ने भी इस दुखद घटना के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को शोक संदेश भेजा।
इस बीच, स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फु क्वोक स्पेशल जोन की पीपुल्स कमेटी के चेयरमैन ट्रान मिन्ह खोआ ने कहा कि टूरिस्ट बोट के मालिक ने हर मरने वाले के परिवार को 1,000 अमेरिकी डॉलर और हर घायल पैसेंजर को 500 अमेरिकी डॉलर का मुआवजा देने पर सहमति जताई है।
उन्होंने आगे कहा कि एन गियांग प्रांत और फु क्वोक स्पेशल जोन के अधिकारी भी दुर्घटना में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति को 26 मिलियन वियतनामी डोंग, लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर की आर्थिक मदद देंगे; इसके अलावा लागू नियमों के तहत दूसरी मदद भी दी जाएगी।
खोआ के मुताबिक, पुलिस अधिकारी, मेडिकल टीम और दूसरे संबंधित विभाग जांच पूरी करने, पीड़ितों की पहचान सत्यापित करने और केस से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकता पूरी करने के लिए प्राथमिकता पर काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी जरूरी प्रक्रिया को पूरा करने और मरने वालों को भारत वापस लाने या उनके रिश्तेदारों की इच्छा के अनुसार दूसरा इंतजाम करने के लिए कूटनीतिक प्रतिनिधियों और पीड़ितों के परिवारों के साथ भी मिलकर काम कर रहे हैं।
--आईएएनएस
केके/पीएम

