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असम में भाजपा की विशाल रैली ने कांग्रेस को कड़ा संदेश दिया: सीएम सरमा

असम में भाजपा की विशाल रैली ने कांग्रेस को कड़ा संदेश दिया: सीएम सरमा
असम में भाजपा की विशाल रैली ने कांग्रेस को कड़ा संदेश दिया: सीएम सरमा

गुवाहाटी, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को दावा किया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोग लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया पर रैली की तस्वीरें साझा करते हुए इसमें बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को रेखांकित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन भी व्यक्त किया।

सरमा ने कहा कि रैली में उमड़ी भीड़ भाजपा के प्रति जनता के समर्थन और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मौजूदा राजनीतिक विमर्श में पार्टी के रुख को दर्शाती है। यह विमर्श कांग्रेस की ओर से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों के बीच चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी कांग्रेस को स्पष्ट संदेश देती है कि जनता हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने, हमारी संवैधानिक संस्थाओं को डराने या चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता से समझौता करने के प्रयासों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।”

उन्होंने आगे कहा कि जनता का जनादेश पवित्र है और कांग्रेस पर उसकी वैधता को चुनौती देने का आरोप लगाया। सरमा ने कहा, “जनता का जनादेश पवित्र है। कांग्रेस को इसे कुचलने का न तो अधिकार है और न ही प्राधिकार।”

असम में भाजपा, चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज को लेकर कांग्रेस के साथ व्यापक राजनीतिक टकराव के बीच अपना अभियान तेज कर रही है।

यह रैली वर्ष 2026 में होने वाले असम विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई है। दोनों दल राज्य में अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा अपने शासन के रिकॉर्ड को सामने रख रही है, जबकि कांग्रेस सत्तारूढ़ दल के खिलाफ विपक्षी समर्थन जुटाने में लगी है।

पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रमुख प्रचारकों में शामिल मुख्यमंत्री सरमा लगातार संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर निशाना साधते रहे हैं। भाजपा का कहना है कि उसका अभियान पार्टी के नेतृत्व और शासन के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। वहीं, कांग्रेस चुनावी प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठाती रही है।

--आईएएनएस

डीएससी

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