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सबरीमाला सोना चोरी मामला: भाजपा ने माकपा पर दबाव बढ़ाया, सियासी पारा चढ़ा

तिरुवनंतपुरम, 20 जनवरी (आईएएनएस)। सबरीमाला मंदिर से कथित सोना चोरी और तस्करी मामले को लेकर केरल की राजनीति में मंगलवार को तीखी गर्माहट देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ माकपा पर दबाव बढ़ाते हुए दो वरिष्ठ नेताओं के आवासों तक विरोध मार्च निकाले।
सबरीमाला सोना चोरी मामला: भाजपा ने माकपा पर दबाव बढ़ाया, सियासी पारा चढ़ा

तिरुवनंतपुरम, 20 जनवरी (आईएएनएस)। सबरीमाला मंदिर से कथित सोना चोरी और तस्करी मामले को लेकर केरल की राजनीति में मंगलवार को तीखी गर्माहट देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ माकपा पर दबाव बढ़ाते हुए दो वरिष्ठ नेताओं के आवासों तक विरोध मार्च निकाले।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व देवस्वोम मंत्री कड़कमपल्ली सुरेंद्रन के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास और वर्तमान देवस्वोम मंत्री वी.एन. वासवन के कोट्टायम स्थित कार्यालय की ओर मार्च किया। यह प्रदर्शन उस समय हुआ, जब सबरीमाला से कथित सोना तस्करी मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों कर रहे हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन ने सवाल उठाया कि जब मंदिर के तंत्री को इस मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है, तो फिर कड़कमपल्ली सुरेंद्रन की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी जानबूझकर आरोपपत्र दाखिल करने में देरी कर रही है, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। मुरलीधरन ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग भी की।

कड़कमपल्ली सुरेंद्रन से पहले ही एसआईटी पूछताछ कर चुकी है, लेकिन मामला सामने आने के बाद से ही नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन लगातार उन्हें राजनीतिक रूप से घेरते रहे हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक जवाबदेही चयनात्मक नहीं हो सकती और सुरेंद्रन की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए।

इसी बीच, कोट्टायम में देवस्वोम मंत्री वी.एन. वासवन के कार्यालय की ओर मार्च कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कई बार वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।

इस राजनीतिक टकराव के बीच त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार ने कहा कि बोर्ड ई़डी की जांच में पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने सबरीमाला में हुई अनियमितताओं को “प्रणालीगत विफलता” करार देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जयकुमार ने अदालत के निर्देशों का हवाला देते हुए मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी से परहेज किया, लेकिन बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा बहाल हो सके।

वहीं एसआईटी ने जांच तेज कर दी है और विशेषज्ञों की टीम ने मंदिर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण शुरू किया है। देवस्वोम मंत्री वासवन ने एसआईटी जांच का स्वागत किया, जिसे पहले हाईकोर्ट की सराहना भी मिल चुकी है, लेकिन ईडी की भूमिका पर उन्होंने आपत्ति जताई। वासवन का कहना है कि एजेंसी के पिछले अनुभव उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।

--आईएएनएस

डीएससी

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