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भाजपा ने हिजाब संबंधी आदेश को लेकर कर्नाटक सरकार की आलोचना की, 'वोट बैंक की राजनीति' का लगाया आरोप

बेंगलुरु, 14 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को राज्य सरकार के 2022 के स्कूल यूनिफॉर्म आदेश को वापस लेने और स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब सहित सीमित पारंपरिक और धार्मिक प्रतीकों की अनुमति देने के फैसले पर तीखा हमला किया।
भाजपा ने हिजाब संबंधी आदेश को लेकर कर्नाटक सरकार की आलोचना की, 'वोट बैंक की राजनीति' का लगाया आरोप

बेंगलुरु, 14 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को राज्य सरकार के 2022 के स्कूल यूनिफॉर्म आदेश को वापस लेने और स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब सहित सीमित पारंपरिक और धार्मिक प्रतीकों की अनुमति देने के फैसले पर तीखा हमला किया।

भाजपा नेता अशोक ने आरोप लगाया कि दावनगेरे उपचुनाव के नतीजों और अल्पसंख्यक मतदाताओं में बढ़ते असंतोष के बाद कांग्रेस सरकार ने "हताश तुष्टीकरण रणनीति" के तहत हिजाब के मुद्दे को फिर से उठाया है।

अशोक ने कहा, "दावनगेरे उपचुनाव के नतीजों और अपने अल्पसंख्यक मतदाता आधार में बढ़ते गुस्से से घबराई कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर अपनी पुरानी विभाजनकारी रणनीति अपनाई है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि जहां कर्नाटक बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, किसानों की आत्महत्या और बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है, वहीं राज्य सरकार राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

उन्होंने कहा, "यह अधिकारों का मुद्दा नहीं है। यह एक विशिष्ट समुदाय को खुश करने के लिए सोची-समझी राजनीतिक रिश्वत है, जिसने हाल ही में अपनी असंतोष व्यक्त की है।"

अशोक ने इस मुद्दे पर न्यायिक निर्णयों की कथित अवहेलना के लिए राज्य सरकार की आलोचना भी की। 2022 के कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले 'शिक्षण संस्थानों में एक समान ड्रेस कोड' का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले के अदालती आदेश को पलटकर न्यायपालिका का "घोर अपमान" किया है।

अशोक ने कहा, "उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया था कि शिक्षण संस्थान अनुशासन और समानता के केंद्र बने रहने चाहिए, न कि धार्मिक प्रदर्शन के मैदान।"

भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार पर “चयनात्मक धर्मनिरपेक्षता” का अभ्यास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में हिजाब की अनुमति देकर भगवा दुपट्टे का विरोध करने में भेदभाव किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, “इस (कर्नाटक) शासन में स्वतंत्रता की आड़ में हिजाब को हरी झंडी दी जा रही है, जबकि भगवा दुपट्टे पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया जाता है।”

--आईएएनएस

ओपी/एबीएम

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