Samachar Nama
×

आदिवासी कल्याण के लिए भाजपा ही एकमात्र विकल्प: सीएम माणिक साहा

अगरतला, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि कि त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) में विकास सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ही एकमात्र व्यवहार्य विकल्प है।
आदिवासी कल्याण के लिए भाजपा ही एकमात्र विकल्प: सीएम माणिक साहा

अगरतला, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को इस बात पर जोर दिया कि कि त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) में विकास सुनिश्चित करने के लिए भाजपा ही एकमात्र व्यवहार्य विकल्प है।

ढलाई जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टीटीएएडीसी में अभी विपक्ष में बैठी भाजपा को आगे बढ़ने के लिए टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि रविवार को टीटीएएडीसी चुनावों के लिए जारी किया गया ‘संकल्प पत्र’ लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाता है। अगर आदिवासी इलाकों में असली विकास करना है, तो भाजपा का कोई विकल्प नहीं है।

टिपरा मोथा पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने उसके जन्म पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उसके कई सदस्यों की जड़ें कम्युनिस्ट आंदोलन से जुड़ी हैं। उन्होंने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए दावा किया कि दशकों तक वामपंथी शासन के दौरान राज्य में हिंसा और अशांति का माहौल रहा।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय पार्टियों पर विभाजनकारी राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है। उनका नजरिया विकास के बजाय विभाजन पर आधारित है। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र डराने-धमकाने या दमन से नहीं चल सकता। लोगों को बातचीत और पारदर्शिता के जरिए जोड़ा जाना चाहिए।

इससे पहले दिन में मुख्यमंत्री ने खुमुलवंग स्थित पार्टी के टीटीएएडीसी मुख्यालय में भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी किया, जिसमें परिषद चुनावों से पहले 29 प्रमुख वादों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा पहली बार टीटीएएडीसी सरकार बनाने की ओर अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक पल होगा। हमारा ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, शांति और आदिवासी समुदायों के कल्याण पर है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि डबल-इंजन सरकार के तहत एडीसी क्षेत्रों के लिए काफी फंड आवंटित किया गया है। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, जल जीवन मिशन के तहत पीने के पानी की सप्लाई, और पड़ोसी मिजोरम से जातीय अशांति के बाद त्रिपुरा भागकर आए रियांग शरणार्थियों के पुनर्वास के प्रयासों की ओर इशारा किया।

--आईएएनएस

पीएसके

Share this story

Tags