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राजस्थान : श्री गंगानगर में बैठक के दौरान भाजपा विधायक के साथ मारपीट, पुलिस हिरासत में तीन लोग

जयपुर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुवार को एक बैठक के दौरान भाजपा विधायक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है और पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
राजस्थान : श्री गंगानगर में बैठक के दौरान भाजपा विधायक के साथ मारपीट, पुलिस हिरासत में तीन लोग

जयपुर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान के श्रीगंगानगर में गुरुवार को एक बैठक के दौरान भाजपा विधायक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है और पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना दोपहर में बिहानी कॉलेज परिसर स्थित ‘विधायक सेवा केंद्र’ में हुई। यहां विधायक जयदीप बिहानी शहर में चल रहे पेयजल संकट को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

बैठक के दौरान विधायक और वहां मौजूद अधिकारियों के बीच बहस हो गई। इनमें राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के सहायक अभियंता जगन्नाथ बैरवा, सोएम और एक निजी कंपनी से जुड़े प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज शामिल थे।

बताया जा रहा है कि बहस बढ़ने के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया और अधिकारियों ने विधायक के साथ धक्का-मुक्की की। आरोप है कि इस दौरान विधायक को थप्पड़ भी मारा गया।

विधायक जयदीप बिहानी ने कहा, ''मैं सिर्फ अधिकारियों से पूछ रहा था कि क्या उन्हें जनता की कोई चिंता है या नहीं। इतना कहते ही एईएन जगनलाल बैरवा ने मुझ पर हमला कर दिया। उन्होंने मेरा चश्मा तोड़ दिया और आंख के नीचे चोट पहुंचाई।''

उन्होंने कहा, ''मैंने तुरंत पुलिस को बुलाया। पुलिस मौके पर पहुंची और तीन अधिकारियों को हिरासत में ले लिया।''

विधायक ने बताया कि तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से भी करेंगे।

शिकायत के बाद जवाहर नगर थाना पुलिस ने जगन्नाथ बैरवा, शहनवाज और सोएम के प्लानिंग मैनेजर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुरानी आबादी क्षेत्र के स्थानीय लोग बीच-बचाव के लिए पहुंचे और विधायक को बाहर निकाला। विधायक के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और समर्थकों के बीच फिर धक्का-मुक्की हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

इस कथित हमले के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। साथ ही सरकारी परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों के व्यवहार और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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