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बंगाल में सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनों की होगी जांच, वसूला जाएगा मुआवजा

कोलकाता, 6 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की जांच कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता को इस संबंध में विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
बंगाल में सीएए विरोधी हिंसक प्रदर्शनों की होगी जांच, वसूला जाएगा मुआवजा

कोलकाता, 6 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध के दौरान हुई हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की जांच कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता को इस संबंध में विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, दिसंबर 2019 में संसद के दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसके कानून बनने पर पूरे देश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसा, आगजनी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे।

इन प्रदर्शनों के दौरान बसों में आग लगाने, रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कई स्थानों पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। अब सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार इन मामलों में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को डीजीपी को निर्देश दिया कि 2019 के सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों से जुड़ी सभी शिकायतों की जांच की जाए। इसके लिए राज्य पुलिस के भीतर एक विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) भी गठित किया जाएगा, जो इन मामलों की जांच करेगा।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस विशेष सेल का कार्यालय मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में स्थापित किया जाएगा। पुराने मामलों की जांच कर नई फाइल तैयार की जाएगी और दोषियों की पहचान की जाएगी।

राज्य सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप साबित होते हैं, तो उससे नुकसान की भरपाई के रूप में मुआवजा वसूला जाएगा।

रेलवे क्षेत्रों में आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाओं की जांच के लिए रेलवे पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, मुर्शिदाबाद जिले और हावड़ा के उलूबेरिया क्षेत्र में सबसे अधिक संपत्ति नुकसान की शिकायतें दर्ज हुई थीं। बेलडांगा थाने में तोड़फोड़ और आगजनी के अलावा उलूबेरिया में ट्रेन में आग लगाने और लूटपाट जैसी घटनाओं के भी आरोप लगे थे।

सरकार का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाएगी।

--आईएएनएस

डीएससी

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