अशोक गहलोत ने राजस्थान में नगर निगम चुनावों के संचालन पर चिंता जताई
जयपुर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में संपन्न शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के संचालन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने नगर निगम बोर्डों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का जमकर इस्तेमाल किया।
एक बयान में गहलोत ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी ने बोर्डों के गठन के प्रयासों में लोकतांत्रिक व्यवस्था की सीमाओं को लांघ दिया है। उन्होंने घटनाक्रम को चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
गहलोत ने आरोप लगाया कि निर्दलीय पार्षदों को प्रलोभन दिए गए, जबकि कांग्रेस पार्षदों को नोटिस, पुलिस समन और अन्य प्रकार के दबाव का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव अवधि के दौरान पड़ोसी राज्यों के पुलिसकर्मी मौजूद थे और बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय को चुनावों से संबंधित याचिकाओं पर देर रात तक सुनवाई करनी पड़ी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इस तरह की प्रथाएं पंचायत चुनावों से पहले एक मिसाल कायम कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों ने सत्ताधारी दल के पक्ष में काम किया है।
उन्होंने आगे कहा कि लोकतांत्रिक मानदंडों को कमजोर करने वाले कार्यों के लिए अंततः जवाबदेही तय की जाएगी।
गहलोत ने यह भी कहा कि धन और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से संस्थानों में जनता का विश्वास कम होने का खतरा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि भविष्य के चुनाव इस तरह से कराए जाएं जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास मजबूत हो।
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कांग्रेस पंचायत चुनावों की तैयारी कर रही है और नगर निगम चुनाव के परिणाम राज्य में पहले ही राजनीतिक बहस छेड़ चुके हैं।
गहलोत के बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी अगले चरण के चुनावों से पहले सरकारी मशीनरी के उपयोग को लेकर चिंताओं को उजागर करना चाहती है।
--आईएएनएस
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