टीवीके घोषणापत्र पर भाजपा का हमला, वादों की व्यवहारिकता पर उठाए सवाल
चेन्नई, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। भाजपा नेता ए.एन.एस. प्रसाद ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्रि कषगम (टीवीके) के चुनावी घोषणापत्र पर गुरुवार को तीखा हमला बोला और इसे “अवास्तविक और वित्तीय रूप से गैर-जिम्मेदार” करार दिया।
प्रसाद ने एक बयान में कहा कि घोषणापत्र में किए गए कल्याणकारी वादों को लागू करने के लिए कम से कम 6 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जबकि तमिलनाडु का कर्ज 2026-27 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में इन वादों की व्यवहारिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि बिना स्पष्ट वित्तीय संसाधनों के इतने बड़े वादे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाल सकते हैं और भविष्य के विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है।
भाजपा नेता ने घोषणापत्र में शामिल योजनाओं जैसे महिलाओं और युवाओं को मासिक सहायता, दुल्हनों को सोना, कर्ज माफी, बेरोजगारी भत्ता और सब्सिडी वाली सेवाओं को “लोकलुभावन घोषणाएं” बताया।
उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाएं शासन का अहम हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें वित्तीय अनुशासन और टिकाऊ राजस्व मॉडल के साथ जोड़ना जरूरी है, ताकि दीर्घकालिक आर्थिक संकट से बचा जा सके।
प्रसाद ने 2021 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और सत्तारूढ़ डीएमके पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय किए गए कई वादे वित्तीय सीमाओं के कारण पूरी तरह पूरे नहीं हो पाए और बिना ठोस योजना के बड़े वादे करने से फिर वही स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके के घोषणापत्र में कृषि, ग्रामीण विकास, औद्योगिक वृद्धि और रोजगार सृजन जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है। इसके बजाय यह महिलाओं और युवाओं जैसे खास वर्गों को आकर्षित करने के लिए कल्याणकारी वादों पर अधिक निर्भर है।
भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को एक बेहतर विकल्प बताते हुए कहा कि एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार”, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से, वित्तीय अनुशासन, बुनियादी ढांचे के विकास और समावेशी प्रगति को प्राथमिकता देगी।
यह बयान 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले तेज होते चुनावी प्रचार के बीच आया है, जहां राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने में जुटे हैं।
फिलहाल टीवीके की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
--आईएएनएस
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