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सीएम सुक्खू का भाजपा पर निशाना, ‘हिमाचल-विरोधी’ राज्य के हक के लिए नहीं खड़ी हुई

शिमला, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को भाजपा पर निशाना साधा और उसे ‘हिमाचल-विरोधी’ बताया।
सीएम सुक्खू का भाजपा पर निशाना, ‘हिमाचल-विरोधी’ राज्य के हक के लिए नहीं खड़ी हुई

शिमला, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को भाजपा पर निशाना साधा और उसे ‘हिमाचल-विरोधी’ बताया।

उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) और आपदा राहत जैसे अहम मुद्दों पर केंद्र के सामने राज्य के साथ खड़ी क्यों नहीं हो पाई।

उन्होंने पूछा कि जब राज्य अपने हक के पैसों के लिए लड़ रहा था, तब राज्य भाजपा के नेता सरकार के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिलने क्यों नहीं गए? मुख्यमंत्री ने ऊना शहर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के कार्यकाल के दौरान हिमाचल प्रदेश पर 76,633 करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ गया था।

उन्होंने पिछली सरकार पर चुनाव के समय लगभग 5,000 करोड़ रुपए की ‘मुफ्त की रेवड़ियां’ बांटने का आरोप लगाया, जिससे वित्तीय अनुशासन कमजोर हुआ। केंद्र से लगभग 60,000 करोड़ रुपए का काफी ज्‍यादा फंड मिलने के बावजूद—जो कि मौजूदा सरकार को मिले फंड से ज्‍यादा था—भाजपा इन संसाधनों का सही इस्तेमाल करने में नाकाम रही।

इसके बजाय, उन्होंने दावा किया कि फंड का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे राज्य और गहरे कर्ज में डूब गया। उन्होंने कहा कि अगर पैसे का सही इस्तेमाल किया गया होता तो हिमाचल आज कर्ज-मुक्त हो सकता था।

उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियां लगातार राज्य के हितों के खिलाफ रही हैं और उसने जन कल्याण को प्राथमिकता नहीं दी। इसके विपरीत, मौजूदा सरकार पिछले 40 महीनों से ‘व्यवस्था परिवर्तन’ पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जन सेवा को प्राथमिकता दे रही है, नीतियों में बदलाव ला रही है, नए कानून बना रही है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगा रही है, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आ रहे हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य के लोगों ने अब यह सच पहचान लिया है कि भाजपा सोशल मीडिया पर हेरफेर करके सत्ता हासिल करने की कोशिशें कर रही है, जिसमें मौजूदा सरकार पर झूठे आरोप लगाकर उसे बदनाम करना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें एक लाख गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए 1,500 रुपए की मासिक सहायता, 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 59 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए पेंशन शामिल है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए गेहूं, मक्का और हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ा दिए गए हैं, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने फिर से दोहराया कि मौजूदा सरकार पारदर्शिता, सुशासन और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (राजस्व घाटा अनुदान) को बंद करने से राज्य को लगभग 50,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्य का अधिकार है, कोई खैरात नहीं।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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