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कर्नाटक में छात्र की मौत पर सियासत: पुलिस उत्पीड़न के आरोप, भाजपा ने सरकार से मांगा जवाब

बेंगलुरु, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को एक कड़ा बयान जारी कर एक छात्र की मौत में पुलिस की कथित भूमिका की निंदा की। पार्टी ने इसे लालच और सत्ता के दुरुपयोग से प्रेरित दुखद घटना बताया।
कर्नाटक में छात्र की मौत पर सियासत: पुलिस उत्पीड़न के आरोप, भाजपा ने सरकार से मांगा जवाब

बेंगलुरु, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को एक कड़ा बयान जारी कर एक छात्र की मौत में पुलिस की कथित भूमिका की निंदा की। पार्टी ने इसे लालच और सत्ता के दुरुपयोग से प्रेरित दुखद घटना बताया।

राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने आरोपों से इनकार किया और आश्वासन दिया कि वे इस घटना के बारे में जानकारी जुटाएंगे और पूरी जांच सुनिश्चित करेंगे।

इस घटना को लेकर राज्य भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि एक निर्दोष और गरीब छात्र, जिसने मुश्किलों के बावजूद शिक्षा के जरिए एक बेहतर जीवन बनाने का सपना देखा था, पुलिस अधिकारियों द्वारा पैसे मांगने के लिए किए गए कथित उत्पीड़न के कारण अपनी जान गंवा बैठा।

उन्होंने इस घटना को 'बेहद दर्दनाक और दुखद' बताया और राज्य सरकार से इसमें शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के नाम पर पुलिस विभाग ने एक निर्दोष की जान ले ली, और कहा कि यह स्थिति कर्नाटक में कानून व्यवस्था में गंभीर गिरावट को दर्शाती है।

उन्होंने दावा किया कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां ​​इतने निचले स्तर तक गिर गई हैं, जहां निर्दोष लोगों का शोषण और उनसे जबरन वसूली की जा रही है।

विजयेंद्र के मुताबिक, मृतक छात्र की पहचान आदित्य मगेरी के रूप में हुई है, जो बागलकोट जिले के बेलूर गांव का रहने वाला था और शिक्षा के लिए धारवाड़ आया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र को गलत तरीके से नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में फंसाया गया था, और मेडिकल रिपोर्ट द्वारा उसकी बेगुनाही की पुष्टि होने के बाद भी पैसे के लिए उसे लगातार उत्पीड़न किया जाता रहा।

उन्होंने यह भी दावा किया कि यह जानते हुए भी कि छात्र निर्दोष है, पुलिस अधिकारियों ने बार-बार डिजिटल पेमेंट के जरिए रिश्वत की मांग की, जिससे उसे गहरा मानसिक कष्ट हुआ।

दबाव सहन न कर पाने के कारण छात्र ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।

विजयेंद्र ने कहा कि राज्य सरकार को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, गृह मंत्री जी. परमेश्वर और पुलिस महानिदेशक एम.ए. सलीम से जवाबदेही की मांग की।

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह यह सुनिश्चित करे कि निर्दोष व्यक्तियों के साथ इस तरह का उत्पीड़न दोबारा न हो, और वरिष्ठ अधिकारियों सहित, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने छात्र के शोक संतप्त परिवार के लिए कम से कम 50 लाख रुपए के मुआवजे की भी मांग की, और चेतावनी दी कि कार्रवाई करने में विफलता राज्य सरकार की ओर से करुणा की कमी को दर्शाएगी।

एक फर्जी गांजा केस में एक छात्र की कथित आत्महत्या के लिए भाजपा द्वारा मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए जी. परमेश्वर ने कहा कि राज्य सरकार पूरे राज्य के लिए जिम्मेदार है, लेकिन हर घटना के लिए उसे ही जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि जाहिर है कि हमारे (राज्य सरकार के) खिलाफ ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस घटना के बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा करेंगे।

मंत्री परमेश्वर ने कहा कि छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच की जाएगी। आज कमिश्नर के कार्यालय में एक मीटिंग है, जिसके बाद मैं इस मामले पर बात करूंगा।

यह घटना 26 अप्रैल को हुई थी। मृतक लड़के की मां ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने बेटे का फोन आया था, जिसमें उसने उनसे अपने खाते में 2,000 रुपए जमा करने को कहा था, ताकि वह पैसे पुलिस को दे सके और ड्रग्स से जुड़े किसी केस में न फंसे। उन्होंने दावा किया कि 26 अप्रैल को उन्हें एक और फोन आया और उन्हें बताया गया कि उसके बेटे ने आत्महत्या कर ली है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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