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कर्नाटक: भाजपा ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगाया आरोप, मंत्री के इस्तीफे की मांग

बेंगलुरु, 19 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक में स्वास्थ्य व्यवस्था के ‘चरमराने’ का आरोप लगाते हुए भाजपा ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के इस्तीफे की मांग की है।
कर्नाटक: भाजपा ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगाया आरोप, मंत्री के इस्तीफे की मांग

बेंगलुरु, 19 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक में स्वास्थ्य व्यवस्था के ‘चरमराने’ का आरोप लगाते हुए भाजपा ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के इस्तीफे की मांग की है।

विपक्ष के नेता आर अशोका ने गुरुवार को बेंगलुरु में कहा, “पहले सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी की खबरें आईं। अब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने सीटी और एमआरआई सेवा प्रदाताओं के 143.78 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान पिछले तीन वर्षों से नहीं किया है।”

अशोक ने कहा कि यह कोई साधारण प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय लकवे की स्थिति है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस लापरवाही के कारण राज्य भर में आवश्यक डायग्नोस्टिक सेवाएं खतरे में हैं।

उन्होंने कहा, “अगर सीटी और एमआरआई सेवाएं बाधित होती हैं तो इसका सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर पड़ेगा; दुर्घटना पीड़ित, कैंसर रोगी, स्ट्रोक के मरीज और तत्काल जांच की जरूरत वाली गर्भवती महिलाएं प्रभावित होंगी।”

भाजपा नेता ने सवाल उठाया, “आखिर स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव कर क्या रहे हैं? जो स्वास्थ्य विभाग तीन साल तक 143.78 करोड़ रुपये का वैध बकाया नहीं चुका सकता, वह सार्वजनिक स्वास्थ्य की चिंता का दावा कैसे कर सकता है?”

अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जवाब मांगते हुए कहा कि इतने बड़े बकाये का भुगतान क्यों नहीं किया गया, तीन साल तक संविदात्मक दायित्वों की अनदेखी क्यों की गई और स्वास्थ्य विभाग जीवन रक्षक सेवाओं को संकट में क्यों डाल रहा है।

उन्होंने मांग की कि यदि स्वास्थ्य मंत्री आवश्यक सेवाओं के लिए समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से तुरंत कार्रवाई करते हुए दिनेश गुंडू राव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की।

अशोक ने यह भी बताया कि उन्होंने सरकार को सौंपे गए दस्तावेज जारी किए हैं, जिनमें लंबित राशि जारी करने की मांग की गई है। दस्तावेज में कहा गया है कि बकाया भुगतान न होने के कारण कंपनी की वित्तीय क्षमता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और संचालन जारी रखना मुश्किल हो गया है। कंपनी ने अंतरिम राहत के रूप में 50 करोड़ रुपये जारी करने की अंतिम अपील की है ताकि सेवाओं को स्थिर किया जा सके।

--आईएएनएस

डीएससी

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