तमिलनाडु में दो से तीन गुना बढ़े बिजली बिलों की शिकायत, बिजली बोर्ड ने दिए समीक्षा के आदेश
चेन्नई, 19 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में पिछले कुछ हफ्तों से असामान्य रूप से बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई घरेलू उपभोक्ताओं का कहना है कि उनके नए बिजली बिल पिछली बिलिंग अवधि की तुलना में दो से तीन गुना अधिक आए हैं।
इस मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है और राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। इसके बाद तमिलनाडु विद्युत बोर्ड ने बिलिंग प्रक्रिया को लेकर सफाई दी है और इसकी समीक्षा के आदेश दिए हैं।
यह विवाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के सत्ता संभालने के कुछ महीनों बाद सामने आया है। सरकार के शुरुआती और प्रमुख फैसलों में से एक चुनावी वादे के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू करना था।
मुख्यमंत्री ने पद संभालने के तुरंत बाद इस योजना से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। यह नई सरकार की शुरुआती बड़ी कल्याणकारी योजनाओं में शामिल थी। इस योजना के तहत जिन घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत एक बिलिंग चक्र में 500 यूनिट तक है, उन्हें शुरुआती 200 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी।
हालांकि इस योजना का कई उपभोक्ताओं ने स्वागत किया, लेकिन सरकार के दो महीने में एक बार बिजली बिल भेजने की मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने के फैसले पर सवाल उठने लगे। चुनाव प्रचार के दौरान मासिक बिलिंग व्यवस्था लागू करने का वादा भी किया गया था।
कई उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि दो महीने में एक बार बिल आने से लोगों के लिए बिजली खपत पर नजर रखना और मुफ्त बिजली योजना के लाभ को समझना मुश्किल हो रहा है।
बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें बढ़ने के बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि मुफ्त बिजली योजना की घोषणा के बाद सरकार ने चुपचाप बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों के उपभोक्ताओं ने भी दावा किया कि बिजली खपत में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद उनके बिल काफी ज्यादा आए हैं।
बढ़ती शिकायतों के बीच तमिलनाडु उत्पादन और वितरण निगम के पाडी जोन के मुख्य अभियंता ने एक सर्कुलर जारी कर माना कि कुछ क्षेत्रों में बिलिंग प्रणाली में गड़बड़ी के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी हुई है।
सर्कुलर के अनुसार, बिजली विभाग के कुछ हिस्सों में गलत बिलिंग प्रक्रिया के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इसमें कहा गया कि मीटर रीडिंग और बिल तैयार करने की प्रक्रिया में कमियों के कारण कुछ मामलों में गलत और बहुत ज्यादा बिजली बिल दर्ज हुए।
सर्कुलर में पर्यवेक्षण करने वाले इंजीनियरों को बिलिंग प्रक्रिया की नियमित जांच करने और किसी भी गड़बड़ी का जल्द पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डिविजनल कार्यालयों को भी खराब मीटर रीडिंग से जुड़ी समस्याओं को तुरंत पहचानकर सुधार करने को कहा गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर गलत बिजली बिलों का बोझ न पड़े।
बिजली विभाग अब प्रभावित मामलों की समीक्षा करेगा और जहां भी बिलिंग में गलती पाई जाएगी, वहां सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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