Samachar Nama
×

भरतपुर मेयर चुनाव: गहलोत का आरोप, निर्दलीय उम्मीदवार को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया

भरतपुर मेयर चुनाव: गहलोत का आरोप, निर्दलीय उम्मीदवार को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया
भरतपुर मेयर चुनाव: गहलोत का आरोप, निर्दलीय उम्मीदवार को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया

जयपुर, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भरतपुर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे भाजपा उम्मीदवार अनुराधा सिंह के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया और आरोप लगाया कि निर्दलीय उम्मीदवार को डरा-धमकाकर अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया।

'एक्स' पर एक पोस्ट में गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले विचित्र सिंह को उनके व्यावसायिक परिसर में धमकाया था। इसके बाद राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम उनसे मिले और नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी करवाई।

गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और प्रशासन मेयर चुनाव को प्रभावित करने के लिए अपनी मशीनरी का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि भरतपुर की जनता ने भाजपा को नकार दिया है, क्योंकि पार्टी नगर निकाय की 65 पार्षद सीटों में से केवल 20 ही जीत पाई थी।

गहलोत के अनुसार, भाजपा के पास पार्षदों का बहुमत न होने के बावजूद भाजपा का मेयर बनाने की कोशिशें की जा रही थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के जरिए एक नई मिसाल कायम करने का आरोप लगाया।

विचित्र सिंह ने भरतपुर मेयर पद की दौड़ में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर हिस्सा लिया था और ऐसी खबरें थीं कि उन्हें कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। उनकी उम्मीदवारी ने भाजपा उम्मीदवार अनुराधा सिंह के खिलाफ मुकाबले की स्थिति बना दी थी, हालांकि गुरुवार को विचित्र सिंह द्वारा अपना नामांकन वापस लेने के बाद चुनावी मुकाबला पूरी तरह बदल गया।

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी भाजपा और भजनलाल शर्मा सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के गृह जिले भरतपुर में घटनाक्रम ठीक वैसा ही हुआ जैसा कांग्रेस को डर था।

'एक्स' पर एक पोस्ट में डोटासरा ने आरोप लगाया कि भरतपुर में मतदाताओं द्वारा नकारे जाने के बाद भाजपा ने अपनी सत्ता और पुलिस मशीनरी का दुरुपयोग करके अपना मेयर बनाने के लिए लोकतंत्र की हत्या की। डोटासरा ने बताया कि भाजपा भरतपुर नगर निगम की 65 पार्षद सीटों में से केवल 20 ही जीत पाई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि बहुमत न होने के बावजूद सत्ताधारी पार्टी ने मेयर चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए सरकार और प्रशासन की ताकत का इस्तेमाल किया। डोटासरा के अनुसार, कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार विचित्र सिंह के पास संख्या बल का स्पष्ट लाभ था और उनका मेयर चुना जाना लगभग तय लग रहा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी जनादेश का सम्मान करने के बजाय मुख्यमंत्री ने एक सरकारी मंत्री को निर्दलीय उम्मीदवार पर दबाव बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा कि वह अपना नामांकन वापस ले लें। उन्होंने आरोप लगाया कि विचित्र सिंह के नामांकन वापस लेने से सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके भरतपुर के मतदाताओं के जनादेश को पलटने की भाजपा सरकार की कोशिश का पर्दाफाश हो गया है।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक जनादेश का सम्मान करे और उन हालात पर सवाल उठाए जिनके तहत निर्दलीय उम्मीदवार मेयर पद की दौड़ से हट गईं।

विचित्र सिंह के हटने के बाद भाजपा उम्मीदवार अनुराधा सिंह अकेली दावेदार रह गई हैं, जिससे भरतपुर मेयर चुनाव भाजपा सरकार और कांग्रेस के बीच टकराव का नया मुद्दा बन गया है। विपक्ष ने राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

इस घटनाक्रम से जुड़ी खबरों के अनुसार, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने विचित्र सिंह के साथ लगभग दो घंटे तक बैठक की, जिसके बाद उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। बैठक के बाद बेढम ने चुनाव के सिलसिले में विचित्र सिंह के पति और भरतपुर के पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट से भी मुलाकात की।

नामांकन वापस लेने के हालात राजनीतिक विवाद का विषय बन गए हैं और कांग्रेस सवाल उठा रही है कि क्या उम्मीदवार पर दबाव डाला गया था।

अपना नामांकन वापस लेने के बाद विचित्र सिंह ने कहा कि वह भरतपुर के विकास में अहम भूमिका निभाना चाहती हैं और उन्होंने इसी मकसद से यह फैसला किया है।

इस घटना ने राजस्थान में राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस ने दबाव डालने और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, जबकि नामांकन वापस लेने से भाजपा उम्मीदवार के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

Share this story