शिवसेना (यूबीटी) ने तमिलनाडु के सीएम विजय को चेताया, 'दिल्ली की सत्ता की उठापटक के जाल से सावधान रहें'
मुंबई, 12 मई (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से मंगलवार को कहा गया कि तमिलनाडु में चुनाव के बाद ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन हुआ। जिसमें विजय की पार्टी टीवीके ने जीत दर्ज की। टीवीके ने डीएमके और एआईएडीएमके की जीत का क्रम तोड़ दिया।
उद्धव ठाकरे गुट ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में एक संपादकीय में कहा कि राज्य में जश्न का माहौल है, लेकिन आगे का रास्ता चुनौतियों से भरा है। मुखपत्र में कहा गया कि विजय की सरकार के पास मामूली बहुमत है। रिपोर्ट से पता चलता है कि स्थिरता बनाए रखना एक चुनौती होगी, खासकर दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह जैसे नेताओं के केंद्रीय प्रभाव को देखते हुए। नए मुख्यमंत्री ईसाई हैं, उन्होंने सभी धर्मों के नेता बनने का संकल्प लिया है और जोर देकर कहा है कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है।
'सामना' में कहा गया कि विजय जब सिल्वर स्क्रीन से सचिवालय की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, तो पूरा देश यह देखने के लिए उत्सुक है कि क्या वे शासन की जटिल वास्तविकताओं से निपटते हुए अपनी 'आम आदमी' की छवि को बरकरार रख पाएंगे?
मुखपत्र में कहा गया कि शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रवाद का स्पष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। समारोह की शुरुआत 'वंदे मातरम' से हुई, उसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाया गया, और अंत में तमिलनाडु राज्य गीत के साथ इसका समापन हुआ। संपादकीय में कहा गया कि यह क्रम राष्ट्रीय भावना को प्राथमिकता देने के लिए बनाया गया प्रतीत होता है।
संपादकीय में यह भी कहा गया कि विजय ने जनता के दिलों को छू लिया और तमिलनाडु के आठ करोड़ लोगों को अपना परिवार घोषित किया। उन्होंने अपनी सादगी पर जोर देते हुए कहा कि वे न तो राजकुमार हैं और न ही देवदूत, बल्कि एक आम आदमी हैं।
'सामना' में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल और विधायकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे सार्वजनिक धन की लूट बर्दाश्त नहीं करेंगे। युवाओं में बढ़ते नशे की लत से निपटने के लिए, नशीली दवाओं के नेटवर्क को खत्म करने के लिए एक विशेष कार्य बल गठित करने का आदेश दिया गया है।
'सामना' में कहा गया कि पुलिस विभाग में एक समर्पित महिला सुरक्षा विंग की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। राज्य पर 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को स्वीकार करते हुए, विजय ने सख्त वित्तीय अनुशासन का आह्वान किया।
बता दें कि मुख्यमंत्री विजय ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने वाली अपनी पहली आधिकारिक फाइल पर हस्ताक्षर कर दिया है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने दावा किया कि नई सरकार के गठन से राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में हलचल मच गई है। कांग्रेस पार्टी ने विजय को सरकार बनाने में मदद की, जिससे कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन की डीएमके पार्टी नाराज हो गई। जिसकी वजह से डीएमके ने 'इंडिया' गठबंधन से बाहर निकलने का फैसला किया है।
शिवसेना (यूबीटी) ने संपादकीय में कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने नए प्रशासन को शुभकामनाएं देकर शालीनता बनाए रखी। उद्धव ठाकरे गुट ने स्टालिन को भाजपा से दूर रहने की सलाह दी है और उनसे आग्रह किया है कि वे 'राज्य और राष्ट्र के हित के लिए प्रधानमंत्री मोदी और शाह के छल में न फंसें।'
--आईएएनएस
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