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केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने एआरएआई सेंटर पर कर्नाटक के मंत्री से बातचीत की

बेंगलुरु, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को पदभार संभालने के दो साल बाद पहली बार राज्य विधानमंडल का दौरा किया और कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल के साथ प्रमुख औद्योगिक विकास पहलों पर चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने एआरएआई सेंटर पर कर्नाटक के मंत्री से बातचीत की

बेंगलुरु, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को पदभार संभालने के दो साल बाद पहली बार राज्य विधानमंडल का दौरा किया और कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल के साथ प्रमुख औद्योगिक विकास पहलों पर चर्चा की।

पाटिल के कार्यालय में हुई इस बैठक का मुख्य फोकस मांड्या लोकसभा क्षेत्र (जिसका प्रतिनिधित्व कुमारस्वामी करते हैं) और पूरे राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना था, जिसमें रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया।

केंद्र और राज्य दोनों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मांड्या के जन प्रतिनिधि भी वहां मौजूद थे।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने चर्चाओं को बहुत सकारात्मक बताया और कहा कि मुख्य ध्यान मांड्या में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन से जुड़े मुद्दों को सुलझाने पर था।

उन्होंने कहा कि इस विषय पर पहले हुई चर्चाओं को अब एक तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।

चर्चा का एक मुख्य बिंदु 'ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (एआरएआई) द्वारा मांड्या में एक टेस्टिंग सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव था। कुमारस्वामी ने बताया कि देश भर में ऐसे सेंटर अभी केवल चार जगहों पर मौजूद हैं, और उन्होंने पांचवीं सुविधा कर्नाटक में लाने की अपनी इच्छा जाहिर की।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित एआरएआई सेंटर को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग सुविधा के तौर पर विकसित किया जाएगा और इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर, खासकर इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस केंद्र को सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ स्थापित करने के लिए लगभग 500-600 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। उन्होंने बताया कि मांड्या के भीतर उपयुक्त जमीन की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और दो-तीन जगहों का मुआयना भी किया जा चुका है, हालांकि जमीन की उपलब्धता अभी भी सीमित है।

कुमारस्वामी ने राज्य सरकार से 30 अप्रैल तक जमीन से जुड़े इस मुद्दे को सुलझाने का आग्रह किया, और कहा कि उनका मंत्रालय मई में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास समारोह आयोजित करने की योजना बना रहा है।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि लगभग 500 एकड़ सरकारी जमीन पर विचार किया जा सकता है, और अगर वह जमीन खेती के काम में आ रही है, तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने किसानों के साथ पहले ही शुरुआती बातचीत कर ली है, और उनकी प्रतिक्रिया सकारात्मक रही है। उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य के बजट में इस प्रोजेक्ट के लिए 100 एकड़ जमीन आवंटित करने की घोषणा की थी।

चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि मांड्या एक कृषि-आधारित सिंचाई जिला होने के कारण, यहां सरकारी और सूखी जमीन की उपलब्धता सीमित है।

हालांकि राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि वह 100 एकड़ जमीन दे सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि ज्यादा जमीन मिलने से इस प्रोजेक्ट को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि मंत्री एमबी पाटिल ने इस अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

--आईएएनएस

एमएस/

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